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अमित शाह के ऑफिस में चप्पल पहनकर जाने की नहीं है इजाजत, जानें वहां के नियम और देखें तस्वीरें

अमित शाह की गिनती आज़कल देश के सबसे मजबूत नेताओं में होती है। इतना ही नहीं वह बीजेपी में मोदी के बाद दूसरे सबसे बड़े नेता हैं। इस वक्त देश के गृहमंत्री के पद पर आसीन अमित शाह की राजनीतिक कुशलता की वज़ह से उन्हें “राजनीति का चाणक्य” कहा जाता है। मोठा भाई के नाम से मशहूर अमित शाह का सरकारी आवास राजधानी दिल्ली में ही है और अधिकतर समय वह लोगों से अपने आवास पर ही मिलते हैं तो आइए जानते हैं कि कैसा है देश के गृहमंत्री का ऑफिस और क्या है वहां के नियम…

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सबसे पहले बता दें कि अमित शाह के ऑफिस में एक तरफ दीवार पर वीडी सांवरकर की फ़ोटो लगी हुई है तो वहीं दूसरी तरफ़ जगद्गुरु शंकराचार्य की फ़ोटो लगी हुई है।

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इसके अलावा अमित शाह अपनी बैठक में भगवान हनुमान की एक मूर्ति भी रखते है। साथ ही साथ अमित शाह के ऑफिस में जितने भी सोफ़े बैठने के लिए है। उनमें से सिर्फ़ अमित शाह के बैठने वाले सोफ़े पर ही तौलिया रखी जाती है।

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इतना ही नहीं अमित शाह जिस सोफे पर बैठते हैं उसपर उनकी सुविधा के लिए छोटे-छोटे कुशन रखें होते हैं।

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बता दें कि अमित शाह की बैठक में आने वाले मेहमानों को अपने जूते-चप्पल बाहर ही निकालने पड़ते हैं। यह उनकी ऑफिस का एक नियम सा है। जो उनकी बैठकों में देखा जा सकता है।

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वहीं घर पर ही अमित शाह ने एक ऑफिस भी बना रखा है। अमित शाह के घर वाले ऑफिस में हरे रंग की कुर्सियां रखी हुई हैं और साथ ही दीवार पर टीवी लगा हुआ है। अपने घर वाले ऑफिस से ही अमित शाह वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में हिस्सा लेते हैं।

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अमित शाह का राजनीतिक जीवन…

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अमित शाह 1987 में भारतीय जनता पार्टी के युवा मोर्चा में शामिल हुए थे, उसके बाद से लेकर आजतक शाह ने पीछे मुड़कर नहीं देखा है, एक के बाद एक उन्होंने अपने कुशल कार्य से बीजेपी पार्टी को मजबूत बनाने में योगदान दिया है। अमित शाह को बड़ा राजनीतिक मौका 1991 में लालकृष्ण आडवाणी के लिए गांधीनगर संसदीय क्षेत्र में चुनाव प्रचार करने का मिला था। दूसरा अहम मौका तब मिला, जब पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी ने गुजरात से चुनाव लड़ने का फैसला किया था।

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पेशे से स्टॉक ब्रोकर अमित शाह ने 1997 में गुजरात की सरखेज विधानसभा सीट से उप चुनाव जीतकर अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत की थी। 2009 में अमित शाह गुजरात क्रिकेट एसोसिएशन के उपाध्यक्ष बने। 2014 में नरेंद्र मोदी के अध्यक्ष पद छोड़ने के बाद वे गुजरात क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष बने। 2003 से 2010 तक उन्होने गुजरात सरकार की कैबिनेट में गृह मंत्रालय का जिम्मा संभाला था, और वर्तमान में वह देश के गृहमंत्री है।

चाणक्य बुलाए जाने पर शाह ने कहा था कुछ ऐसा…

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फरवरी 2020 में Times Now Summit के दौरान अमित शाह ने चाणक्य बुलाए जाने पर अपनी प्रतिक्रिया दी थी। अमित शाह ने कहा था, मैंने कभी दावा नहीं किया कि मैं चाणक्य हूं। और, न ही मैं कभी वैसा बन सकता हूं, क्योंकि मैंने अपने जीवन में अच्छे से चाणक्य को पढ़ा है और समझा भी है। मेरे कमरे में उनकी एक तस्वीर भी है। उनकी ऊंचाई को मैं जानता हूं। अमित शाह तो बेचारा उनके आगे पंगु है। बहुत छोटा आदमी है। ऐसे में मेरी गुजारिश है कि भगवान कौटिल्य से मेरी तुलना ना करें।

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