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छत्तीसगढ़ को बिजली उत्पादन में मिली एक और

रायपुर, 31 मार्च 2016/ बिजली उत्पादन में आत्मनिर्भरता की रौशनी से दमक रहे  छत्तीसगढ़ को आज एक और बड़ी महत्वपूर्ण सफलता मिली। राज्य सरकार की बिजली उत्पादन कम्पनी द्वारा मड़वा में निर्माणाधीन एक हजार मेगावाट क्षमता के ताप बिजली संयंत्र की 500 मेगावाट की पहली इकाई में तकनीकी परीक्षण के बाद आज 31 मार्च से वाणिज्यिक उत्पादन शुरू हो गया।
ऊर्जा विभाग की कमान संभाल रहे मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने आज शाम यहां विधानसभा में सहर्ष यह घोषणा की। सदस्यों ने मेज थपथपाकर हर्ष व्यक्त किया। उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत उत्पादन कम्पनी द्वारा मड़वा में पांच-पांच सौ मेगावाट की दो इकाईयों का निर्माण किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने सदन को बताया-मड़वा ताप बिजली परियोजना में बिजली उत्पादन के बारे में विधानसभा के इसी बजट सत्र में उल्लेख किया गया था। मुझे सदस्यों को सूचित करते हुए हर्ष हो रहा है कि इस विद्युत परियोजना की पांच सौ मेगावाट की पहली इकाई में कोयले पर आधारित विद्युत उत्पादन 14 मार्च 2016 से शुरू हो गया है। तकनीकी परीक्षण के बाद इस इकाई में वाणिज्यिक उत्पादन आज 31 मार्च से प्रारंभ हो चुका है। मुख्यमंत्री ने सदन को यह भी बताया कि कोयला आधारित मड़वा ताप बिजली परियोजना की 500 मेगावाट की दूसरी इकाई में विद्युत उत्पादन के लिए पश्चिम क्षेत्रीय विद्युत ग्रिड में आज सवेरे 6.19 बजे सिंक्रोनाईजेशन सफलतापूर्वक किया गया। उन्होंने सदस्यों को बताया कि आवश्यक तकनीकी परीक्षण के बाद इस इकाई से भी बिजली का वाणिज्यिक उत्पादन जल्द शुरू किया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व में राज्य शासन द्वारा बिजली का उत्पादन बढ़ाने के लिए लगातार किए जा रहे प्रयासों को विगत बारह वर्ष में शानदार सफलता मिली है। नवम्बर 2003 की स्थिति में प्रदेश की विद्युत उत्पादन क्षमता 1401 मेगावाट थी, जो 29 फरवरी 2016 की स्थिति में बढ़कर 2424 मेगावाट हो गई है। इस प्रकार विगत बारह वर्ष में राज्य की बिजली उत्पादन क्षमता में 73 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। मड़वा में आज से शुरू 500 मेगावाट की पहली इकाई में वाणिज्यिक उत्पादन शुरू होने के बाद अब इसमें और भी अधिक वृद्धि होगी।
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