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बांग्लादेश : आतंकियों ने उन लोगोँ की हत्या की, जो कुरान नहीं पढ़ पाए

वो कुरान नहीं जानती थी, इसलिए गला रेत डाला!

बांग्लादेश की राजधानी ढाका में हुए आतंकी हमले में आतंकवादियो ने 20 लोगों का गला काट कर हत्या कर दी जिनमें एक भारतीय लड़की भी थी जिनका नाम तारिषी जैन था और वो 19 साल की थी।  आतंकवादियों ने तारिशी से कुरान की आयत सुनाने को कहा, जब वो नहीं सुना पाई तो एक दरिंदे ने उसकी गर्दन रेत डाली।

जिस तरह से तारिशी की हत्या हुई है उससे लोगों में जबरदस्त गुस्सा देखने को मिल रहा है। आतंकवादी इस्लाम के नाम पर लोगों का खून बहा रहे हैं। वो अल्ला-हू-अकबर चिल्लाते हुए रेस्टोरेंट में घुसे थे और वहां पर जिन लोगों ने कुरान की आयतें पढ़कर सुनाईं उन्हें जाने दिया और जिन्हें ये नहीं आता था उन्हें बर्बर तरीके से मार डाला। सवाल यह है कि क्या इस सबके बावजूद हम कब तक यह कहकर खुद को बहलाते रहेंगे कि आतंकवाद का कोई धर्म नहीं होता।
आतंकवादियो ने 50 से 60 लोगों को बंधक बनाया था जिनमे से कुछ आतंकवादियो के चुंगल से बच निकले थे और जिन लोगों ने कुरान पढ़ दी उन्हें भी आतंकवादियों ने छोड़ दिया लेकिन जो 20 विदेशी लोग कुरान नहीं पढ़ पाए क्योंकि ये सभी मुस्लिम नहीं थे इसलिए आतंकवादियो ने इनका गला काट कर निर्मम हत्या कर दी। ये लोग जापान, श्रीलंका के थे और तरिषि जैन भारत की थी।

बांग्लादेशी कमांडो ने छह आतंकवादियों को भी मार गिराया और एक को जिंदा पकड़ लिया। सैन्य अभियान महानिदेशक ब्रिगेडियर जनरल नईम अशफाक चौधरी ने बताया कि सशस्त्र बलों के नेतृत्व में साझा अभियान शुरू होने से पहले ही आतंकवादियों ने 20 बंधकों की निर्मम हत्या कर दी। जिन लोगों को मौत के घाट उतारा गया उनमें से ज्यादातर का गला काटा गया था।

मुस्लिम बहुल बांग्लादेश में हाल ही के महीनों में धार्मिक अल्पसंख्यकों और धर्मनिरपेक्षकों ब्लॉगरों पर संदिग्ध इस्लामवादी चरमपंथियों ने जानलेवा हमले किए। सातखीरा जिले में शनिवार (2 जुलाई) को 48 वर्षीय पुजारी को चाकू मार दिया गया जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। बीते दो दिनों के भीतर एक हिंदू पुजारी और एक बौद्ध नेता की निर्मम हत्या हो चुकी है।

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