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प्रधानमंत्री मोदी को मदद के लिए एक वेश्या ने लिखा पत्र, जानिए क्या था पत्र में?

कई देशों की महिलाओं को बहला-फुसला कर भारत लाया जाता है और बाद में उन्हें देह व्यापार के धंधे में झोंक दिया जाता है। बांग्लादेश से लाई गयी एक महिला के साथ भी ऐसा ही कुछ हुआ। उस महिला को वहां से लाकर यहां पुणे एक एक वेश्यालय में बेच दिया गया। महिला को अपने देश वापस लौटने के लिए बहुत मुश्किलों का सामना करना पड़ा।

पुराने नोट होने की वजह से घर वापसी मुश्किल में:

हालांकि अब महिला के घर वापसी का रास्ता आसान हो गया है. लेकिन अब उसके सामने एक बड़ी समस्या आ गयी है बंद हो चुके नोट। इस महिला के पास 10000 मूल्य के 500 रूपये के पुराने नोट हैं। ये पैसे इस महिला ने अपने घर जाने के लिए बचाकर रखे थे। लेकिन जब से नोटबंदी हुई है, तब से इस महिला के घर जाने के रास्ते फिर से बंद होते नजर आ रहे हैं।

पीएम मोदी और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को पत्र लिखकर मांगी मदद :

इसलिए महिला ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को पत्र लिखकर मदद मांगने का विचार किया। महिला ने बताया कि वह बहुत ज्यादा गरीब है और उसे पैसे की सख्त जरूरत है। जो पैसे उसने बचाकर रखे हैं, उससे उसका काम चल सकता है, लेकिन नोट बंद हो चुके हैं। ऐसे में सरकार उसकी मदद करे, ताकि वह पुराने नोट बदलवाकर अपने घर वापस जा सके।

लालच देकर बेच दिया नेपाली महिला को:

महिला ने अपनी पुरानी जिंदगी के बारे में बताया कि वह पहले बहुत ज्यादा गरीब थी। उसे उसका पति हमेशा मारता था। पति की इस हरकत से तंग आकर उसे तलाक दे दिया और एक गारमेंट फैक्ट्री में काम करने लगी। वहां मुझे 9000 मिलते थे, जिससे परिवार का गुजारा हो जाता था। इसी समय किसी ने उसे बताया कि भारत में बहुत आसानी से पैसे कमाए जा सकते हैं। फिर महिला को धोखे से एक नेपाली औरत को 50,000 में बेच दिया गया।

दिसम्बर 2015 में बचाया रेस्क्यू फाउंडेशन ने:

भारत आने के बाद उसे बेंगलुरू में दूसरी औरत के पास बेच दिया गया। जिसने उसे वेश्यावृत्ति के धंधे में घुसने के लिए मजबूर किया। कुछ दिनों बाद मुझे यह यकीन दिलाया गया कि मुझे अपने देश वापस भेज दिया जायेगा। उसके बाद मुझे पुणे ले जाया गया और वहां लगातार डेढ़ साल अत्याचार सहने के बाद मुझे दिसम्बर 2015 में रेस्क्यू फाउंडेशन ने छुड़ा लिया। उसके बाद इसी फाउंडेशन ने ट्वीट कर करके इस महिला के बारे में सबको जानकारी दी। अब देखते हैं यह महिला कब अपने घर वापस जा पाती है।

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