बॉलीवुड

इस पत्रकार के लिए खुद गाड़ी चलाकर कोल्ड ड्रिंक लेने गए थे राजेश खन्ना, ‘काका’ की गरीबी थी वजह

हिंदी सिनेमा के पहले सुपरस्टार रहे राजेश खन्ना ने अपने फ़िल्मी करियर में अपार सफ़लता हासिल की थी. एक जमाने में लड़कियां उनके पीछे पागल हुआ करती थी. बॉलीवुड में आज तक राजेश खन्ना जैसा स्टारडम कोई दूसरा कलाकार हासिल नहीं कर पाया है. ‘काका’ के नाम से मशहूर राजेश खन्ना ने हिंदी सिनेमा को एक से बढ़कर एक हिट फ़िल्में दी है.

राजेश खन्ना ने साल 1966 में अपने फ़िल्मी करियर की शुरुआत की थी. वे अपने समय के सबसे महंगे अभिनेता होने के साथ ही सबसे चर्चित अभिनेता भी थे. बहुत छोटी उम्र में ही एक के बाद एक कई हिट फ़िल्में देने के चलते उन्होंने बॉलीवुड के पहले सुपरस्टार होने का तमगा प्राप्त कर लिया था. वे जब तक जिए अपने अंदाज में जिए.

राजेश खन्ना को करियर में बेशक अपार सफ़लता मिली है, लेकिन उनकी ज़िंदगी में कई बार ऐसा भी हुआ है जब उन्हें बुरे दौर से गुजरना पड़ा है. राजेश खन्ना का आख़िरी समय सबसे पीड़ादायी रहा है. एक समय उन्हें पैसों की तंगी से भी जूझना पड़ा है. वो भी तब जब बॉलीवुड में वे खुद को साबित कर चुके थे. आइए आखिर जानते हैं कि, राजेश खन्ना की ज़िंदगी में ऐसी नौबत कैसे आई.

राजेश खन्ना को एक साथ कई मुसीबतों ने घेर लिया था. कभी सफ़लता की बुलंदियों पर सवार रहे ‘काका’ का स्टारडम कभी फीका पड़ने लगा था. ऐसे में उन्हें काम भी नहीं मिल रहा था और इसे दौरान आयकर विभाग ने भी उनकी मुश्किलों में इज़ाफ़ा कर दिया. उन पर आरोप बेनामी तरीके से संपत्ति निवेश करने और उसके बारे में जानकारी न देने का लगा था. ऐसे में आयकर विभाग ने ‘काका’ के ख़िलाफ़ शिकंजा कसा और उनके घर और लेन-देन संबंधित एकाउंट्स भी सीज कर दिए.

राजेश खन्ना की स्थिति बहुत बुरी हो गई थी. आयकर विभाग द्वारा अपना घर ‘आशीर्वाद’ सीज किए जाने के कारण उन्हें इससे दूर होना पड़ा था. इसके बाद उनके दिन गरीबी में गुजरने लगे. बता देन कि, यह मामला साल 1983 के दौरान का है. इस दौरान ‘काका’ पर आरोप लगा था कि, उन्होंने ‘आशीर्वाद मिनी थिएटर’ नाम की संपत्ति पर बेनामी तरीके से निवेश किया है और उससे होने वाली आय का ब्यौरा नहीं दिया है.

वहीं दूसरी ओर जाने-माने पत्रकार बलजीत परमार अपने यूट्यूब चैनल के माध्यम से राजेश खन्ना की गरीबी के दिनों की बातें भी बता चुके हैं. उन्होंने साल 1990 के दौरान की बाटन साझा की थी. बलजीत के मुताबिक, इस दौरान ‘काका’ ने अपना बंगला ‘आशीर्वाद’ छोड़ दिया था और वे इसके बाद अपने दफ़्तर में रहने के लिए चले गए थे.

बता दें कि, एक बार अपने किसी दोस्त के साथ बलजीत परमार ने राजेश खन्ना से मुलाक़ात की थी. बलजीत ने जब राजेश खन्ना के दफर की डोरबेल बजाई तो राजेश खन्ना को खुद गेट खोलने आना पड़ा था. लेकिन पहले राजेश खन्ना के पास स्टाफ हुआ करता था और इससे साफ़ समझा जा सकता है कि उस समय ‘काका’ को किस तरह की आर्थिक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था.

बलजीत परमार के मुताबिक़, ‘काका’ के पास उस समय न कोई स्टाफ था, न ही कोई नौकर था. आयकर विभाग द्वारा की गई कार्रवाई के कारण उनकी सारी संपत्ति सीज की जा चुकी थी. इस मुश्किल घड़ी में उनका कोई साथी भी नहीं था. वे एक दम अकेले पड़ गए थे.

 

बलजीत परमार ने राजेश खन्ना की गरीबी के दिनों के बारे में बात करते हुए बताया था कि, कभी सिल्क का कुर्ता पहनने वाले राजेश खन्ना खद्दर का कुर्ता पहनने को मजबूर हो गए थे. राजेश खन्ना से मुलाकात का जिक्र करते हुए बलजीत ने बताया था कि, हमारे लिए राजेश खन्ना अपनी गाड़ी मारुती 800 से कोल्ड ड्रिंक लेने के लिए गए थे. गरीबी ने राजेश खन्ना को इस कदर जकड़ लिया था कि उन्हें अपने सारे काम खुद ही करने पड़ रहे थे.

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