बॉलीवुड

मंच पर फिर फूट-फूट कर रोईं नेहा कक्कड़, गीतकार संतोष आनंद का दर्द सुन नहीं रोक पाई आंसू

टीवी का मशहूर सिंगिंग रियलिटी शो ‘इंडियन आइडल’ हमेशा से सुर्ख़ियों में बना रहता है. इंडियन आइडल 12 दर्शकों का भरपूर मनोरंजन करता है. देश के कोने-कोने में मौजूद दर्शकों को यह शो हर सप्ताह के अंत में काफी ख़ुशी प्रदान करता है, हालांकि कभी-कभी कुछ ऐसा हो जाता है कि आंखों से आंसूओं को रोकना मुश्किल हो जाता है. हाल ही में इंडियन आइडल के मंच पर ऐसा ही नज़ारा पुनः देखने को मिला है.

इंडियन आइडल 12 के हालिया एपिसोड में लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल की हिट जोड़ी में से प्यारेलाल जी अपनी पत्नी के साथ पहुंचे थे. वहीं ‘एक प्यार का नगमा है’ समेत कई मशहूर गाने लिखने वाले गीतकार संतोष आनंद ने भी इस दौरान आइडल के मंच पर शिरकत की. उनकी कहानी सुनकर तीनों जजों समेत हर कोई हैरान रह गया.

इंडियन आइडल की मशहूर जज और गायिका नेहा कक्कड़ भी संतोष आनंद के दुःख भरे दिनों के बारे में सुनकर अपनी भावनाओं पर काबू नहीं कर पाई और वे रोने लग गई. साथ ही उन्होंने संतोष आनंद को पांच लाख रुपये की भेंट भी दी. शो का एक वीडियो ख़ूब वायरल हो रहा है, जिसमें यह हिस्सा दिखाया जा रहा है.

इंडियन आइडल के लिए यह एपिसोड काफी भावुक रहा है. मशहूर गीतकार संतोष आनंद बीते लंबे समय से व्हील चेयर पर है और वे आइडल के मंच पर भी व्हील चेयर पर ही पहुंचे थे. वे बड़े भावुक होकर सभी के सामने अपने दर्द को बयां करते है. सभी जज और प्यारेलाल जी एवं उनकी पत्नी आदि खड़े होकर संतोष आनंद की बातें सुनते है. अंत में नेहा हमेशा की तरह दरियादिली दिखाते हुए उन्हें पांच लाख रु देने का ऐलान करती है. सोनी टीवी द्वारा अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम एकाउंट पर इसका एक वीडियो साझा किया गया है.

वीडियो में देखा जा सकता है कि, संतोष आनंद का सभी काफी गर्मजोशी के साथ स्वागत करते हैं. वे कहते हैं कि, ‘बरसों बाद मैं मुंबई आया हूं. अच्छा लग रहा है. एक उड़ते हुए पंक्षी की तरह मैं यहां आता था और चला जाता था. रात-रात भर जग के मैंने गीत लिखे. मैंने गीत नहीं, अपने खून और कलम से लिखे. इतना अच्छा लगता है वो दिन याद करके. आज तो मेरे लिए ऐसा लगता है जैसे दिन भी रात हो गया है.’

गीतकार संतोष आनंद आगे कहते हैं कि, ‘मैं जीना चाहता हूं बहुत अच्छी तरह से. पैदल जाते थे तीर्थ यात्राओं पर, पीले कपड़े पहनकर. राम जी ने मुझपर कृपा भी बहुत की थी. बहुत कुछ दिया भी था. सबकुछ कैसे चला गया. राम जी का कपाट किसने बंद कर दिया, मुझे आजतक पता नहीं चला. अब वो दौर तो नहीं, लेकिन इतना कहना चाहता हूं- जो बीत गया है वो अब दौर न आएगा, इस दिल में सिवा तेरे कोई और न आएगा. घर फूंक दिया हमने अब राख उठानी है, जिंदगी और कुछ भी नहीं तेरी मेरी कहानी है.’

संतोष आनंद के इस दर्द को सुनकर हर कोई भावुक हो उठता है. रोते हुए नेहा कक्कड़ कहती है कि, ‘आपके लिखे जो गीत हैं उनसे हम सबने प्यार करना सीखा है. दुनिया के बारे में जाना है और सर मैं मेरी तरफ से आपको 5 लाख रुपए की भेंट देना चाहती हूं.’ इस पर संतोष आनंद रो पड़ते है और वे कहते है कि, ‘मैं बड़ा स्वाभिमानी हूं, आज तक मैंने किसी से कुछ भी नहीं मांगा, मैं आज भी मेहनत करता हूं दूर-दूर जाकर. नेहा रोते हुए जवाब देती है कि, ‘आप ये समझिए की ये आपकी पोती की तरफ से है. इस पर रोते हुए संतोष आनंद कहते हैं कि, ‘उसके लिए मैं स्वीकार करूंगा.’


सोशल मीडिया पर नेहा के इस कार्य की खूब सराहना हो रही है. कोई कह रहा है कि, नेहा कक्कड़ का जितना अच्छा गला है उतना ही अच्छा दिल भी है. तो कोई नेहा की तारीफ करते हुए कह रहा है कि, लोग नेहा के लिए इमोशनल होने के मीम्स बनाते हैं, हालांकि उन लोगो को यह नहीं पता कि उसका मजाक तो बनाया जा सकता है लेकिन उसके जैसा दिल कहां से लाओगे, सल्यूट करता हूं नेहा जी.

 

Back to top button