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दीपावली के मौके पर पीएम मोदी ने उठाया बड़ा कदम, चीन को हुआ करोड़ों का नुकसान

दीपावली पर चीन को बड़े नुकसान का सामना करना पड़ा है। जी हां, भारत सरकार द्वारा चलाए जा रहे घरेलू उत्पादों के इस्तेमाल पर जोर देने और चाइनीस प्रोडक्ट्स का बहिष्कार करने की वजह से चाइना को लगभग 42 करोड के नुकसान का सामना करना पड़ा है। जैसा कि हम सभी लोग जानते हैं, दीपावली आने से एक महीने पहले ही सभी लोग तैयारियों में जुट जाते हैं। घर के लिए जिन सामानों की खरीदारी की जाती थी उसमें चाइनीस प्रोडक्ट की मांग सबसे अधिक रहती थी परंतु गलवान घाटी के मामले के बाद भारत सरकार और व्यापारिक संगठनों के द्वारा चलाए जा रहे अभियान की वजह से देश के लोग चाइनीस प्रोडक्ट को बिल्कुल भी पसंद नहीं कर रहे हैं। देश के लोग चीनी सामानों की जगह भारत में बनी हुई चीजें खरीद रहे हैं।

हमारे देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी भी आम जनता के बीच इसी प्रचार में लगे हुए हैं कि वह स्वदेशी सामान का ही इस्तेमाल करें। प्रधानमंत्री जी का ऐसा कहना है कि अगर हम सभी स्वदेशी सामान का इस्तेमाल करते हैं तो इसकी वजह से विदेशों में भी हमारे सामान की डिमांड बढ़ने लगेगी, जिसका असर धीरे-धीरे अब देखने को मिल रहा है। कैट के राष्ट्रीय अध्यक्ष बीसी भरतिया के मुताबिक देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा स्वदेशी समान के प्रचार की वजह से अब विदेशों में भी देश के सामानों की डिमांड बढ़ने लगी है। दीपावली के त्यौहार पर इस वर्ष बहुत सी चीजें जैसे दिये, रंगोली, शुभ लाभ के चिन्ह, उपहार देने की चीजें, सजावट के सामान, मोमबत्तियां, बिजली के रंग-बिरंगे बल्बों, मिट्टी की मूर्तियां, पूजा से जुड़े हुए सामान आदि चीजों का उत्पादन अब भारतीय कारीगरों द्वारा ही किया जा रहा है।

दीपावली का अधिकतर सामान चीन से आता है

कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स के महासचिव प्रवीण खंडेलवाल के मुताबिक दीपावली के अवसर पर जो भी घर या ऑफिस को सजाने के लिए चीजों का इस्तेमाल किया जाता था वह चाइनीस प्रोडक्ट हुआ करते थे। दिवाली पूजा में जो सामग्रियां प्रयोग में लाई जाती थीं, वह भी चीन से ही आता था। चीन से देश के अंदर पटाखे भी आने लगे, जिसके कारण दीपावली के अवसर पर चीन ने अपने सामान का देश में एक बड़ा मार्केट पैदा कर दिया। डोकलाम, लद्दाख, गलवानी घाटी जैसे इलाकों में चल रहे चीन से विवाद की वजह से भारत ने अब चाइनीस प्रोडक्ट का बहिष्कार किया है।

आपको बता दें कि जब दीपावली का त्यौहार आता था तो भारत में चीन से कई तरह के समान आते थे, जिसकी मांग लोगों के बीच सबसे अधिक रहती थी। चीन से भारत में हार्डवेयर, फुटवियर, गारमेंट्स, किचन प्रोडक्ट, गिफ्ट आइटम, इलेक्ट्रॉनिक, इलेक्ट्रॉनिकल, फैशन, घड़ियां, घरेलू चीजें, फर्नीचर, जलती बुझती रहने वाली छोटी-छोटी लाइटें, घर को सजाने का सामान, फैंसी लाइट, आदि सामान हमारे देश में चीन से मंगवाए जाने लगे थे, लेकिन अब स्वदेशी सामानों पर ही जोर दिया जा रहा है। देश के लोग भी अब चाइनीस सामानों का बहिष्कार कर रहे हैं और यह भारत में बनी हुई चीजों को अधिक से अधिक खरीद रहे हैं।

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