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सनी देओल की फिल्म ‘अर्जुन पंडित’ का फैन था विकास दुबे, लोगों के बीच ‘पंडित जी’ नाम से था मशहूर

विकास दुबे ने 10 बार से ज्यादा देखी थी अर्जुन पंडित, खुद को पंडित कहलाना था पसंद

कानपुर में आठ पुलिसकर्मियों की हत्या करने वाला गैंगस्टर विकास दुबे आज सुबह 10 जुलाई को पुलिस एनकाउंटर में मारा गया। आज उसे यूपी एसटीएफ की टीम उज्जैन से ट्रांजिट रिमांड पर कानपुर लेकर ले जा रही थी। वहीं शहर से 17 किमी पहले ही सुबह 6:30 बजे काफिले की एक कार पलट गई। जिसके बाद उसने भागने की कोशिश में पुलिसकर्मियों पर गोली चला दी और जवाबी कार्रवाई में मारा गया। अब उसकी मौत के साथ ही उससे जुड़ी कुछ बातें सामने आ रही है। खबरों की मानें तो विकास दुबे एक्टर सनी देओल की 1999 में आई सुपरहिट फिल्म ‘अर्जुन पंडित’ से काफी प्रभावित था।

अर्जुन पंडित का फैन था विकास दुबे

बता दें कि विकास को फिल्म ‘अर्जुन पंडित’ काफी पसंद थी और इस फिल्म का उस पर गहरा असर था। ये ही वजह थी कि उसे राजनीतिक महकमों और पुलिसकर्मियों के बीच ‘पंडित जी’ के रुप से भी जाना जाता था। एक रिपोर्ट की मानें तो उसने अर्जुन पंडित फिल्म को 10 बार से ज्यादा देखा था। उसे खुद फिल्म के किरदार की तरह पंडित कहलाना अच्छा लगता था। यहां तक की वो लोगों के सामने खुद को पंडित के रुप में पेश करता था।

(अर्जुन पंडित फिल्म का एक दृश्य)

गौरतलब है कि सनी देओल की ये फिल्म दर्शकों को काफी पसंद आई थी। इस फिल्म में सनी देओल एक बेहद ही ताकतवर किरदार में नजर आए थे जो प्यार में धोखा खाने के बाद गैंगस्टर बन जाता है। विकास खुद को इसी छवि में शायद देखा करता था। ये ही वजह थी कि जब विकास पीड़ित व्यक्तियों को बुलाता तो खुद को पंडित बताकर अपना परिचय देता।

उज्जैन में हुई गिरफ्तारी और यूपी में एनकाउंटर

बता दें कि विकास दुबे ने कानपुर के बिकरु गांव में सीओ सहित आठ पुलिस वालों की हत्या की थी। इसके बाद से ही उसके सिर पर 25 लाख का इनाम रखा गया था। पुलिसकर्मियों की हत्या कर फरार हुआ विकास दुबे 9 जुलाई को उज्जैन के महाकाल मंदिर के पास से गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद एसटीएफ की एक टीम उसे उज्जैन से कानपुर ले जा रही थी जहां शहर से करीब 17 किमी दूर गाड़ी पलट गई।

गाड़ी पलटने के बाद विकास दुबे भागने की कोशिश करने लगा और इसके चलते उसने पुलिसकर्मियों से हथियार छीन कर भागने की कोशिश की। इसके बाद पुलिस ने उसे मुठभेड़ में मार गिराया। उसे एक गोली सीने में और एक कमर में लगी। बता दें कि उज्जैन से गिरफ्तार किए गए विकास दुबे से ट्रेनिंग सेंटर में दो घंटे से ज्यादा पूछताछ की गई थी। इसके बाद मध्यप्रदेश पुलिस ने यूपी एसटीएफ को उसे सौंप दिया।

इस घटना में कुछ पुलिसकर्मी भी घायल हो गए। घटना में घायल पुलिसकर्मी नवाबगंज रमाकांत पचौरी ने बताया कि विकास ने उन्हीं की पिस्टल छीन कर भागने की कोशिश की थी। अस्पताल से विकास दुबे के शरीर को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की तैयारी की जा रही है। उसके परिवार के किसी भी सदस्य ने मीडिया से बात करने के लिए इनकार कर दिया है। बता दें कि विकास दुबे के करीबी माने जाने वाले प्रभात मिश्रा और अमर दुबे भी पुलिस एनकाउंटर में मारे जा चुके हैं।

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