अध्यात्म

कलश के जौ के इन संकेतों के जरिये मां दुर्गा बताती हैं कि आने वाला भविष्य आपके लिया कैसा होगा!

नवरात्री का समय हिन्दू धर्म मानने वालों के लिए विशेष महत्व रखता है। सभी जानते हैं कि इस समय मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है। नवरात्रि के समय लोग अपने घर में कलश की स्थापना करते हैं। कलश स्थापित करने के बाद कुछ लोग इसमें जौ भी बोते हैं। कलश स्थापित करके इसमें जौ बोने को लेकर लोगों का मानना है कि इससे यह पता चलता है कि आपका आने वाला समय कैसा होने वाला है।

जौ का देर से जमना होता है बुरा संकेत:

नवरात्री के पहले दिन ही कलश की स्थापना की जाती है। पूजा के बाद उसमें जौ बो दिया जाता है। साधारणतया 2-3 दिन में ही बोया गया जौ अंकुरित हो जाता है, लेकिन अगर इसमें समय लग रहा है तो इसे एक संकेत के तौर पर देखा जाता है। इस संकेत का यह अर्थ है कि आने वाले समय में आपको काफी मेहनत करनी पड़ेगी, उसके बाद ही आपको मेहनत का फल मिलेगा।

इन संकेतों को रखें ध्यान में:

*- अगर जमे हुए जौ का रंग नीचे से आधा पीला और ऊपर से आधा हरा है तो इसका मतलब यह है कि आपके आने वाले साल का आधा समय ठीक नहीं रहेगा, लेकिन बाद में सब ठीक हो जायेगा।

*- ठीक इसके उलट अगर जौ नीचे से आधा हरा है और ऊपर से आधा पीला तो इसका मतलब यह है कि आपके साल का शुरूआती समय ठीक से बीतेगा, लेकिन बाद में आपको परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।

*- अगर आपका बोया हुआ जौ सफेद या हरे रंग में उग रहा है तो यह बहुत ही शुभ माना जाता है। ऐसा अगर होता है तो यह मान लिया जाता है कि, की गयी पूजा सफल हो गयी। आने वाला पूरा साल खुशियों से भरा होगा।

मां दुर्गा से करें प्रार्थना:

कलश के अंकुरित जौ के अशुभ संकेत होने पर मां दुर्गा से अपने कष्टों और परेशानियों को दूर करने के लिए प्रार्थना करें। नवरात्रि की दसवीं तिथि को नवग्रह के नाम से 108 बार हवन में आहुति दें। इसके बाद मां के बीज मन्त्र “ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे नमः” का 1008 बार जाप करते हुए हवन करें। हवन खत्म होने के पश्चात् मां की आरती करें और हवन के भभूत (विभूति) को रख लें। भभूत (विभूति) से आप प्रतिदिन तिलक लगाएं।

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