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तब्लीगी जमात के ऊपर टिपण्णी करने वाले दलित युवक लोटन निषाद को मोहम्मद सोना ने मारी गोली

देश में कोरोना संक्रमण के मामले तबलीगी जमात के चलते और ज्यादा बढ़ चुके हैं। जमात में शामिल 25000 लोगों को क्वेरेंटाइन किया गया है जिसमें 1000 से ऊपर जमाती संक्रमित पाए गए हैं। संक्रमितों की बढ़ता संख्या देख हर किसी की चिंता बढ़ गई है। ऐसे में यूपी के प्रयागराज में लोटन निषाद नाम के एक 30 साल के आदमी की जान ले ली गई क्योंकि उसने तबलीगी जमात पर कोरोना वायरस फैलाने की टिप्पणी कर दी थी। निषाद की हत्या उस वक्त हुई जब वो एक टी स्टॉल पर बैठे चाय पी रहा था।

तबलीगी जमात पर लगाया आरोप तो मारी गोली

रविवार की सुबह साढे 9 बजे निशाद एक टी स्टॉल पर बैठा चाय पी रहा था। उसी समय मोहम्मद सोना नाम का एक शख्स उसी स्टॉल के पास बैठा था। निशाद उस समय तबलीगी जमात पर कोरोना संक्रमण को बढ़ाने का आरोप लगा रहा था। मोहम्मद सोना उसकी बातें सुनकर उसे धमकाने लगा । निषाद का कहना था की वुहान के वायरस को बढ़ाने का काम तबलीगी जमात के लोगों का है। मोहम्मद से ये बात बर्दाश्त नहीं हुई और वो अपने साथ एक गन ले आया और तुरंत निषाद को गोली मार दी।गोली लगते ही मौके पर उसकी मौत हो गई। बता दें कि न्यूजपेपर पढ़ने के दौरान ये झगड़ा हुआ था।

सोना ने गोली मारते ही भागने की भी कोशिश की, लेकिन गांव वालों ने उसे पकड़ लिया। अफरा तफरी में लोटन को लोगों ने अस्पताल पहुंचाने की कोशिश की, लेकिन उसकी मौके पर ही मौत हो चुकी थी। सूचना की जानकारी मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंच गई और इसकी जांच कर रही है। नेशनल सिक्योरिटी एक्ट के तहत सोना और उसके पिता कादिर को हिरासत में ले लिया गया है।यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने मृतक के परिवार वालों को 5 लाख मुआवजा देने की घोषणा की है।

पहले भी हो चुकी है ऐसी घटना

बता दें की पुलिस को आरोपी के घर से बंदुक भी मिल गई है। पुलिस का मानना है कि सोना ने निषाद को गोली इसी बहस के कारण मारी थी क्योंकि उसने तबलीगी जमात पर कोरोना वायरस फैलाने का आरोप लगाया था। पुलिस पूरी तरह से उस जगह को संभालने में लगी है जिससे लोगों में दहशत ना फैले।

गौरतलब है की महाराष्ट्र में कुछ समय पहले एक आदमी को भीड़ ने इसलिए शोषित किया था क्योंकि उसने तबलीगी जमात में शरीक हुए लोगों की जानकारी वहां के स्थानिय अधिकारी को दी थी। रिपोर्ट की माने तो 56 वर्षीय व्यक्ति ने ग्राम सेवक को इस बात की जानकारी दी थी की करीब 7 लोग वहां से तबलीगी जमात में शरीक हुए थे और वो लोग वापस गांव भी लौट आए हैं। यहां तक की उसने इस बात पर भी जोर दिया था की इन लोगों की कोरोना जांच भी होनी चाहिए। इस बात का पता चलते ही तबलीगी जमात में शामिल हुए लोगों ने उस आदमी पर हमला बोल दिया था।

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