बिज्ञान और तकनीक

378 लाख किलोमीटर दूर जीवन की संभावनाओं से भरी एक अनोखी दुनिया, जानिए उससे जुड़े फैक्ट्स

विज्ञान और तकनीकि के विकास के साथ अब हम इतने आगे पहुँच चुके हैं कि अंतरिक्ष में करोड़ों किलोमीटर की दूरी पर स्थित ग्रहों और तारों के बारे में जानकारी जुटा रहे हैं. इसी क्रम में अमेरिका की अन्तरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में खोज और रिसर्च करने वाली संस्था नासा ने एक और अन्य सौर मंडल (सोलर सिस्टम) की खोज की है.

नासा के तहत खोजे गये सोलर सिस्टम में पृथ्वी के आकार के 7 ग्रह (प्लेनेट) हैं और इस सोलर सिस्टम के तारे का नाम ट्रैपिस्ट-1 है, ये सातों ग्रह इसी ट्रैपिस्ट-1 नाम के तारा या सूर्य के चक्कर लगाते हैं. नासा के अनुसार इन 7 ग्रहों में से 3 ग्रह ऐसे भी हैं जिनमें समुद्र भी है. समुद्र की मौजूदगी से नासा वहां जीवन होने की संभावनाएं तलाश रहा है.

378 लाख किलोमीटर की दूरी पर जीवन की सम्भावना:

नासा की ताज़ा जानकारी के अनुसार इन ग्रहों में 6 ग्रहों पर तापमान जीरो से 100 डिग्री सेल्सिअस के बीच है, ये ग्रह जिस सोलर सिस्टम का हिस्सा हैं वो पृथ्वी से करीब 39 प्रकाश वर्ष (लाइट इयर्स) की दूरी पर है, यानी कि इसकी दूरी लगभग 378 लाख किलोमीटर है, नासा का मानना है कि अभी इन ग्रहों पर जीवन की तलाश करने और पुष्टि करने में 10 साल तक का समय लग सकता है. अगर ऐसा संभव हो पाया तो यह इस सदी की सबसे बड़ी खोज के रूप में जाना जायेगा.

अपार संभावनाओं से भरा एक अनोखा तारा: ट्रैपिस्ट-1

ट्रैपिस्ट-1 नाम का सूरज सबसे पहले साल 2010 में ग्रहों की खोज के दौरान पाया गया था. तबसे लगातार उसपर नजर रखी जा रही थी. ट्रैपिस्ट-1 एक छोटा तारा है, जिसका आकार हमारे सौरमंडल के ग्रह ज्युपिटर से शायद थोडा बड़ा होगा. इस तारे की रौशनी हमारे सूर्य से लगभग 200 गुना कम है.

माना जा रहा है कि जब सूर्य का ईंधन ख़त्म हो जायेगा तो पृथ्वी भी ख़त्म हो जायेगी. और ऐसे में ये ग्रह मौजूद रहेंगे. क्योंकि ट्रैपिस्ट-1  में हाइड्रोजन गैस के जलने की गति काफी धीरे है. नासा का मानना है कि ट्रैपिस्ट-1 की उम्र ब्रम्हाण्ड की उम्र से 700 गुना ज्यादा होगी.

4,6 और 9 दिन का एक साल :

नासा का मानना है कि इस खोज से भविष्य में ब्रम्हाण्ड में पृथ्वी के अलावा अन्य जगह जीवन होने की सम्भावना को बल मिला है. आपको बता दें कि ट्रैपिस्ट-1 का चक्कर लगाने में ग्रहों को 4,6 और 9 दिन लगते हैं. यानि कि इन तीनों ग्रहों जिनपर जीवन की सम्भावना है उनका एक साल 4,6 और 9 दिन का है. ये तीनों ग्रह पृथ्वी से हल्के हैं.

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