बीएमसी चुनाव में 53 फीसदी मतदान, नतीजे तय करेंगे महाराष्ट्र की मौजूदा सरकार का भविष्य!

बीएमसी चुनाव के लिए इस बार लगभग 53 फीसदी मतदान हुआ है. मतदान खत्म होने के साथ ही उम्मीदवारों की किस्मत ईवीएम में कैद हो गई. साथ ही बीजेपी और शिवसेना के रिश्तों की आखिरी डोर भी अब इसी ईवीएम के सहारे है. 23 फरवरी को बीएमसी चुनाव के नतीजे महाराष्ट्र की राजनीति में बदलाव ला सकते हैं. तल्ख होते जा रहे बीजेपी-सेना के रिश्तों पर चुनाव नतीजे गहरा असर डालेंगे.

महाराष्ट्र में बृहन्मुंबई नगर निगम और नौ अन्य नगर निकायों के चुनावों के लिए मतदान हुआ. इस बार बीएमसी का चुनाव इसलिए बेहद खास है. क्योंकि, यहां मुख्य मुकाबला अलग होकर चुनाव लड़ रही बीजेपी और शिवसेना के बीच है और यहां होने वाली हार-जीत का असर फड़णवीस सरकार पर पड़ना तय है.

सीट बंटवारे पर सहमति नहीं बन पाने के बाद शिवसेना ने बीजेपी से 25 साल पुराना गठबंधन तोड़ लिया था और एलान किया था कि, वो अब बीजेपी से कोई गठबंधन नहीं करेगी.

बीजेपी और शिवसेना के अलावा, कांग्रेस, एनसीपी और MNS भी चुनावी मैदान में हैं. लेकिन, सियासी रणनीतिकारों की नजर बीजेपी और शिवसेना पर टिकी है. शिवसेना पहले ही कह चुकी है कि,फडणवीस सरकार नोटिस पीरियड पर है और बीएमसी चुनाव के बाद सरकार के टिके रहने पर फैसला होगा.

हालांकि, सियासी बयानबाजी और राजनीति से दूर कई जानी-मानी हस्तियों ने मतदान केंद्र पर पहुंचकर अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया. पूर्व क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर, फिल्म कलाकार रेखा, जोया अख्तर, अनुष्का शर्मा, वरुण धवन और टीना अंबानी ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया.

तो वहीं संघ प्रमुख मोहन भागवत, शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे, महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना प्रमुख राज ठाकरे, बीजेपी नेता नितिन गडकरी, मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस समेत तमाम सियासी दिग्गजों ने भी वोट डाला.

साल 2012 में हुए बीएमसी चुनाव में बीजेपी-शिवसेना साथ-साथ लड़े थे, जिसमें 227 सीटों में से शिवसेना ने 164 पर जबकि, बीजेपी ने 63 सीटों पर चुनाव लड़ा था. इस बार सीटों के बंटवारे को लेकर ही विवाद हुआ. और दोनों के रास्ते अलग-अलग हो गए.

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