यूपी इलेक्शन के तीसरे चरण से जुड़ी कुछ रोचक जानकारियां!

उत्तर प्रदेश का चुनाव अपने आप में ही दिलचस्प है. यूपी विधानसभा चुनाव के तीसरा चरण में 250 से ज्यादा करोड़पति उम्मीदवार मैदान में हैं. तीसरे दौर में 110 उम्मीदवार तो ऐसे हैं जिनके खिलाफ आपराधिक मामले चल रहे हैं. इस चरण में कांग्रेस के उम्मीदवार केसों के मामले में सबसे आगे हैं, वहीं करोड़पतियों को टिकट देने के मामले में बीजेपी पहले नंबर पर है.

तीसरे दौर का चुनाव :

तीसरे चरण में लखनऊ सहित 12 जिलों की 69 सीटों पर वोटिंग हो रही है. इनके लिए कुल 826 प्रत्याशी मैदान में है, यहां कुल 105 पार्टियां चुनाव लड़ रही हैं जिसमें 6 राष्ट्रीय, 7 क्षेत्रीय और 92 गैर मान्यता प्राप्त दल शामिल हैं. वहीं 225 उम्मीदवारों ने निर्दलीय पर्चा भरा है.

धनकुबेरों की लड़ाई :

यूपी में चुनाव के तीसरे दौर में चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों की औसतन संपत्ति 1.61 करोड़ हैं. हालांकि, पार्टी के आधार पर अगर आंकड़े देखें जाए तो 6.20 करोड़ औसत संपत्ति के आधार पर कांग्रेसी सबसे अमीर हैं. कांग्रेस के सहयोगी सपा के उम्मीदवारों की संपत्ति औसतन 5.70 करोड़ है. बीएसपी के उम्मीदवारों की औसत संपत्ति 4.18 करोड़ और बीजेपी इस मामले में आखिरी पर है और बीजेपी के प्रत्याशियों की औसत संपत्ति 3.79 करोड़ है. सबसे दिलचस्प बात तो ये है कि संपत्ति के मामले में टॉप थ्री उम्मीदवार भी सपा-कांग्रेस गठबंधन के ही हैं.

कौन कितना पढ़ा लिखा  ?  

तीसरे चरण में पढ़े-लिखे उम्मीदवारों की संख्या दूसरे चरण के मुकाबले बेहतर है. दूसरे चरण में जहां 43 फीसदी उम्मीदवार ग्रेजुएट या इससे अधिक पढ़े थे, वहीं इस चरण में इनकी भागीदारी बढ़कर 51 फीसदी हो गई है.

उम्मीदवार और अपराध :

अपराध की बात करें तो 82 उम्मीदवारों ने अपने ऊपर हत्या, हत्या के प्रयास, अपहरण, महिलाओं के ऊपर अत्याचार से संबंधित मुकदमों की घोषणा की है. कुल 21 विधानसभाएं ऐसी हैं जहां चुनाव लड़ रहे 3 या इससे अधिक प्रत्याशियों पर आपराधिक मुकदमे हैं.

एक नज़र आकड़ों पर :
  • 14 % पर आपराधिक मामले
  • 10% पर गंभीर आपराधिक मामले
  • 31% उम्मीदवार करोड़पति
  • 1.61 करोड़ उम्मीदवारों की औसत संपत्ति
  • 39% उम्मीदवार 5वीं से 12वीं तक पढ़े
  • 51 % उम्मीदवार ग्रेजुएट या इससे अधिक पढ़े
  • 1% उम्मीदवार निरक्षर
  • 5% सिर्फ साक्षर हैं

रिपोर्ट के अनुसार, आपराधिक मामले वाले इन 110 प्रत्याशियों में से  सभी पार्टियों के उम्मीदवार है यानी दावे चाहे कुछ भी हो दागियों को टिकट देने के मामले में हमाम में सभी नंगे हैं .

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