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सकारात्मक सोच के दमपर ही एक भाई नदी में डूबते हुए, अपने बड़े भाई की जान बचा पाया

सकारात्मक सोच के दम पर जीवन में कुछ भी हासिल किया जा सकता है और हर कार्य में सफलता पाई जा सकती है। जीवन में कई बार ऐसी परेशानियां आ जाती हैं जिनका सामना करते हुए हमारे विचार नकारात्मक हो जाते हैं और नकारात्मक विचार दिमाग में आने से हम उस परेशानी से निकलने का हल नहीं निकाल पाते हैं।

सकारात्मक विचारों पर ही एक कथा काफी प्रचलित है। इस कथा के अनुसार दो भाई हुआ करते थे और ये दोनों भाई एक दूसरे से बेहद ही प्यार किया करते थे। एक दिन ये दोनों भाई जंगल में धूमने के लिए निकल जाते हैं। जंगल में धूमते हुए इन्हें एक बेहद ही सुंदर नदी दिखाई देती है। ये दोनों भाई उस नदी में नहाने के लिए चले जाते हैं। इसी दौरान एक भाई नहाते हुए काफी आग चले जाता है और अचानक से पानी का बहाव काफी तेज हो जाता है। पानी का बहाव तेज होता देख दूसरा भाई तुंरत नदी से निकल आता है और अपने बड़े भाई को भी नदी से जल्द निकलने को कहता है। लेकिन पानी इतना तेज होता है कि बड़ा भाई नदी से बाहर नहीं निकल पाता है।

तभी एक संत वहां आता है। छोटा भाई तुरंत उस संत के पास जाता है और संत से कहता है कि मेरा भाई नदी में फंस गया है और वो जल्दी ही पानी में डूब जाएगा। उसे किसी तरह से आप बचा लों। छोटे भाई की ये बात सुनकर संत कहता है, तुम्हारे भाई को बचाना नामुमकिन है। क्योंकि तुम अपने भाई को बचाने से ज्यादा ये सोच रहे हो कि वो डूबकर मर जाएगा। वहीं तुम्हारे भाई ने भी इस समस्या को देखकर हार मान ली है। इसलिए वो इस पानी से बाहर नहीं निकल पा रहा है। तुम्हारी और उसकी सोच सकारात्मक होने पर ही वो पानी से बाहर निकल सकता है।

संत की ये बात सुनकर छोटा भाई अपने मन से नकारात्मक विचार निकाल देता है और अपने बड़े भाई को काफी प्रेरित करने लग जाता है। प्रेरित करने से बड़े भाई के दिमाग से भी नकारात्मक विचार निकाल जाते हैं और छोटे भाई की बात सुनकर उसके मन में हौंसला आ जाता है। अपनी सोच को सकारात्मक करते ही बड़े भाई को नदी के अंदर एक बड़ा पत्थर दिखाई देता है वो तैरते हुए उस पत्थर के पास चले जाता है। पत्थर के पास जानने के बाद छोटा भाई एक बड़ी लकड़ी पानी में फेंकता है और इस लकड़ी के सहारा वो बाहर निकल आता है।

पानी से बाहर निकलने के बाद ये दोनों भाई संत का शुक्रिया करते हैं। तब संत इन्हें समझाता है कि जो लोग नकारात्मकता से घिरे रहते हैं, वो परेशानी से कभी भी बाहर नहीं निकल पाते हैं। इसीलिए हमेशा अपनी सोच सकारात्मक रखें। सकारात्मक सोच होने पर ही परेशानियों को दूर किया जा सकता है और जीवन के हर कार्य में सफलता पाई जा सकती है। जैसे ही तुम दोनों ने अपने दिमाग से नकारात्मक सोच को निकल दिया, वैसे ही तुम्हें पानी से बाहर निकलने का हाल मिल गया।

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