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दुश्मन थर-थर कांपेगा: भारत को फ़्रांस से मिला राफेल, दशहरा के पावन अवसर पर हुई शस्त्र पूजा

विजयादशमी के मौक पर आज भारत को राफेल लड़ाकू विमान का तोहफा मिलने वाला हैं. इस समय हमारे रक्षामंत्री फ़्रांस के पेरिस में मौजोद हैं. कई सालों से भारत इस शक्तिशाली विमान का इंतज़ार कर रहा था. ऐसे में अब हमारा सपना हकीकत में बदलने जा रहा हैं. राफेल के आ जाने के बाद देश बहुत मजबूत बन जाएगा और दुश्मन थर थर कांप उठेगा. तो चलिए जानते हैं कि आखिर ये राफेल नाम आ लड़ाकू विमान कितना ज्यादा ताकतवर हैं.

राफेल विमान के द्वारा परमाणु मिसाइल को दागा जा सकता हैं. इसके द्वारा हम दुनियां के सबसे सुविधाजनक हथियारों का उपयोग कर सकते हैं. राफेल में मुख्य रूप से दो टाइप की मिसाइल्स हैं. पहली को हवा से हवा में डेढ़ सौ किलोमीटर की दूरी तक दागा जा सकता हैं जबकि दूसरी हवा से जमीन में तीन सौ किलोमीटर तक का सफ़र तय कर टारगेट को नष्ट कर सकती हैं. बता दे कि राफेल टाइप का पावरफुल विमान चीन और पाकिस्तान के पास भी नहीं हैं. इसे हम इंडियन एयरफोर्स के मिराज 2000 का एडवांस वर्जन भी कह सकते हैं. वर्तमान में भारतीय वायुसेना के पास 51 मिराज 2000 हैं.

राफेल विमान हवा में 2020 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से दौड़ सकता हैं. इसमें हवा में ही तेल भी भर सकते हैं. राफेल की उंचाई 5.30 मीटर जबकि लम्बाई 15.30 मीटर हैं. इससे आप आगे पीछे ऊपर निचे आजू बाजू हर तरफ निगरानी रख सकते हैं. इस शक्तिशाली विमान का उपयोग अभी तक अफगानिस्तान, लीबिया, माली, ईराक और सीरिया जैसे देशो की लड़ाई में हो चूका हैं.

360 डिग्री विजिबिलिटी वाले इस विमान में पायलट को बस अपने टारगेट को देख बटन दबाना होता हैं बाकी सभी काम कंप्यूटर की सहायता से हो जाता हैं. विमान को हम पहाड़ों या छोटी जगहों पर भी उतार सकते हैं. मसलन ये चलती हुई चलती हुई समुद्री एयरक्राफ्ट कैरियर पर भी उतर सकता हैं. इसकी फ़्लाइंग रेंज अन्य लड़ाकू विमान और हथियारों से कही ज्यादा अधिक हैं.

आपकी जानकारी के लिए बता दे कि साल 2016 (सितंबर) में भारत और फ़्रांस के मध्य लगभग 59 हजार करोड़ रुपए में 36 राफेल विमानों की डील हुई थी. राफेल के मिलने के बाद भारतीय वायु सेना की ताकत कई गुना बढ़ जाएगी. इससे भारत का पुरे विश्व में तगड़ी सैन्य शक्ति के रूप में भी नाम होगा.

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