अध्यात्म

अगर आप भी घर में पूजा करने जा रहे हैं तो कुछ बातों का ध्यान रखें, जल्द ही अच्छा फल मिलेगा!

पूजा-पाठ हर इंसान के जीवन में एक ख़ास स्थान रखता है। लगभग हर हिन्दू घर में एक मंदिर होता है, जहाँ घर का हर सदस्य पूजा करके अपने अच्छे दिन की शुरुआत करता है। कुछ लोग हैं, जो अपने सुविधा के अनुसार पूजा करते हैं, यह बहुत ही गलत माना जाता है। पूजा करने के कुछ नियम बनाए गए हैं, जिसे हर व्यक्ति को मानना चाहिए। जो लोग वास्तु के नियमों को मानते हैं, उनके लिए मकान के उत्तर-पूर्व में पूजा के लिए जगह बनाना शुभ होता है। इस जगह पर घर में मंदिर होने से घर के सदस्यों का स्वास्थ ठीक रहता है और वह हर प्रकार की परेशानी से बचे रहते हैं साथ ही साथ धनलाभ भी अच्छा होता है।

मंदिर में ना रखें टूटी हुई मूर्तियाँ:

जब भी देवी-देवताओं की मूर्ति रखें, इस बात का ध्यान रखें की पूजा करते वक़्त व्यक्ति का मुँह उत्तर और पूर्व की तरफ ही होना चाहिए। मूर्ति रखते वक़्त इस बात का भी ध्यान रखें की मूर्तियाँ टूटी हुई ना हों और हल्की मूर्ति को सबसे अच्छा माना जाता है। अगर गलती से मूर्ति टूट जाती है तो उसे पूजा वाले स्थान से हटाकर बहते हुए जल या नदी में प्रवाहित कर देना चाहिए। इस बात का भी ख़ास ध्यान रखें की मंदिर में रखी हुई भगवान की मूर्ति का चेहरा कभी नहीं ढंके, यहाँ तक की फूल-माला चढ़ाने पर भी उनका चेहरा खुला रहे।

वास्तु के अनुसार मंदिर में यह काम करने चाहिए:

*- कुछ लोग अपने घर के मंदिर को गन्दा और अँधेरे में रखते हैं साथ ही मंदिर वाली जगह को कूड़ा रखने की जगह बना देते हैं, ऐसे लोगों पर शत्रुओं का प्रकोप ज्यादा होता है। ऐसे घर में हमेशा आर्थिक परेशानी बनी रहती है, घर में स्थायी रूप से रोग और शोक का बसेरा रहता है।

 

*- भूलकर भी घर के रसोईं में मंदिर नहीं बनाना चाहिए, ऐसा करने से घर के किसी एक व्यक्ति का दिमाग हमेशा गरम रहता है और घर के किसी एक सदस्य को खून सम्बन्धी बिमारी भी हो जाती है।

 

*- घर में बने हुए मंदिर में हर रोज सुबह और शाम को घंटी बजानी चाहिए, ऐसा कहा जाता है कि इससे घर की नकारात्मक उर्जा दूर हो जाती है और सकारात्मक उर्जा अन्दर आती है।

 

*- मंगलवार, शुक्रवार, रविवार, पूर्णिमा द्वादशी और अमावस्या को रात में और सूरज ढलने के बाद तुलसी के पत्तों को नहीं तोड़ना चाहिए। तुलसी और गंगाजल कभी भी बासी नहीं होता है, इसके अलावा मंदिर में चढ़ाने के लिए किसी भी बासी वस्तु का उपयोग नहीं करना चाहिए।

 

*- मंदिर में चमड़े से बनी हुई चीजों को नहीं ले जाना चाहिए और भूलकर भी घर के मंदिर में मृतक परिजन के चित्र को नहीं लगाना चाहिए।

 

*- रात को जब भी आप सोने जाएँ उससे पहले मंदिर के आगे पर्दा करना ना भूलें। इससे भगवान को आराम करने में कोई दिक्कत नहीं आएगी।

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