नई दिल्‍ली – उत्तर प्रदेश में ना गठबंधन होगा, ना महागठबंधन। जी हां आपने सही पढ़ा, यूपी में जिस सपा पार्टी के भरोसे कांग्रेस अपनी डूबती लुटिया को बचाना चाहती थी उसी के पार्टी के नए-नए प्रमुख बने अखिलेश ने कांग्रेस को बड़ा सा ढेंगा दिखा दिया है। आपको बता दें कि समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच काफी समय से गठबंधन के लिए बातचीत चल रही थी। लेकिन, आज यह ड्रामा खत्म हो गया। सपा ने गठबंधन के ठीक पहले कांग्रेस को झटका देते हुए शुरुआती तीन चरणों के चुनावों के लिए 191 सीटों पर प्रत्‍याशियों की घोषणा कर दी। जिनमें 7 ऐसी सीटें थीं जिन पर कांग्रेस अपनी दावेदारी कर रही थी क्‍योंकि पिछली बार कांग्रेस को इन पर जीत मिली थी। congress Samajwadi party list.

गठबंधन का ड्रामा: अखिलेश ने कांग्रेस को दिया 440 वोल्ट का झटका –

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आपको बता दें कि अखिलेश यादव ने शुक्रवार को समाजवादी पार्टी के 191 उम्मीदवारों की घोषणा कि जिससे कांग्रेस पार्टी को बड़ा जबरजस्त झटका लग गया। सूत्रों के अनुसार, नाराज़ कांग्रेसी नेताओं का कहना है कि दोनों पार्टीयों को साथ में उम्मीदवारों का ऐलान करना था, लेकिन एसपी ने पहले ही कर दिया। इसके अलावा सपा ने कांग्रेस ने जो सीट मांगी थी, उन पर भी अपने प्रत्याशी खड़े कर दिए। गौरतलब है कि गठबंधन के औपचारिक ऐलान के लिए कांग्रेस के प्रदेश अध्‍यक्ष राज बब्‍बर दिल्‍ली से लखनऊ पहुंचे लेकिन इससे पहले कि वो ऐलान करते सपा ने सीटों की घोषणा कर एक जबरजस्त दाव चल दिया।

रालोद के प्रभाव वाली सीटों पर भी सपा के उम्मीदवार –

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सपा ने कांग्रेस के साथ-साथ रालोद को भी ढेंगा दिखा दिया। सपा कि ओर से रालोद के प्रभाव वाली सीटों पर भी सपा के उम्मीदवारों कि घोषणा कि गई है। सपा की लिस्ट के बाद अब कांग्रेस और रालोद की रणनीति क्या रहती है, यह जल्दी ही साफ हो जाएगा। लेकिन आज हुए इस हाईवोल्टेज ड्रामें से एक बात तो साफ हो गई है कि अखिलेश यादव राजनीतिक दावपेंच में अपने पिता और पार्टी के मुखिया मुलायम यादव से बिल्कुल भी कम नहीं है। जिस तरह से उन्होंने पार्टी पर अपना प्रभाव जमाया है और उसके बाद कांग्रेस और रालेद को गठबंधन के नाम पर सियासी नाच नचाया है वो बताता है कि वो एक परिवक्व नेता बन गये हैं।

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