जुबान पर कुछ और दिल में कुछ और, ऐसे ही हैं नेता जी!

साइकिल अब सीएम अखिलेश यादव के पाले में आ चुकी है. लेकिन पारिवारिक कलह थमने का नाम नहीं ले रहा मुलायम सिंह यादव की ओर से घोषित किये गये कई उम्मीदवारों के टिकट कटने की संभावना है. इसमें राज्यसभा सांसद बेनी प्रसाद वर्मा के बेटे राकेश वर्मा का टिकट भी है, जो बाराबंकी की रामपुर विधानसभा सीट से मुलायम खेमे के उम्मीदवार हैं.

अखिलेश ने अपनी पहले जारी की गयी लिस्ट में इस सीट से अरविंद सिंह गोप को टिकट दिया था. मुलायम की लिस्ट में लखनऊ कैंट से अपर्णा यादव को टिकट दिया गया है, जबकि अखिलेश की लिस्ट में इस सीट से कोई प्रत्याशी नहीं घोषित किया गया था.

निर्दलीय चुनाव लड़ने की सलाह दी :

मुलायम सिंह से मिलने पहुंचे उनकी सूचि में मौजूद ऐसे ही कुछ प्रत्याशियों ने दावा किया कि नेता जी ने उन सभी लोगों को निर्दलीय चुनाव लड़ने की सलाह दी है जिनका नाम अखिलेश यादव की लिस्ट से गायब हो सकता है.

हालांकि मुलायम की लिस्ट में कानपुर कैंट से टिकट पाने वाले बाहुबली अतीक अहमद का कहना है कि अगर मुख्यमंत्री अखिलेश नहीं चाहेंगे तो वह चुनाव नहीं लड़ेंगे. अखिलेश को बाहुबली अतीक, अमनमनी त्रिपाठी और ऐसे ही कुछ और लोगों को टिकट सूची में शामिल करने पर परहेज है.

वैसे नेता जी के करीबी मान रहें हैं कि पहलवान मुलायम ने एक बार फिर धोबीपछाड़ दांव खेला है. दरअसल मुलायम असंतुष्टों को चुनाव में निर्दलीय उतरने की सलाह और अपना आशीर्वाद देकर अखिलेश की सपा में पनपने वाले किसी विद्रोह को कन्नी से कांट देना चाहते हैं.

नेता जी ने ऐसे लोगों को अपना साथ तो देने का वादा किया है लेकिन उनका दिल बेटे अखिलेश के साथ ही है, इसे कहते हैं सांप भी मर जाएगा और लाठी भी नहीं टूटेगी.

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