इस विडियो मैं देखिये सियाचिन मैं सैनिक कैसे पीने के पानी का इंतजाम करते है.

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सियाचिन के बर्फीले रेगिस्तान में जहां कुछ नहीं उगता, वहां सैनिकों की तैनाती का एक दिन का खर्च ही 4 से 8 करोड़ रुपए आता है। फिर भी 30 साल से यहां भारतीय सेना पाकिस्तान के नापाक इरादों को नाकाम कर रही है।सियाचिन में अक्सर दिन में तापमान शून्य से 40 डिग्री नीचे और रात में माइनस 70 डिग्री तक चला जाता है।

सियाचिन हिमालय के कराकोरम रेंज में है, जो चीन को भारतीय उपमहाद्वीप से अलग करती है। सियाचिन 76 किलोमीटर लंबा दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा ग्लेशियर है। 23 हजार फीट की ऊंचाई पर सियाचिन ग्लेशियर इंद्र नाम की पहाड़ी से शुरू होता है। सियाचिन ग्लेशियर के 15 किमी पश्चिम में सलतोरो रिज शुरू होता है। सलतोरो रिज तक के इलाके पर भारतीय सेना का नियंत्रण है। सलतोरो रिज के पश्चिम में ग्योंग ग्लेशियर से पाकिस्तानी सेना का नियंत्रण शुरू होता है।सियाचिन में रोज की जरुरत की चीजे जुटाना बेहद मुश्किल है.

आज हम आपको एक ऐसी वीडियो दिखाते है जिससे आपको पता चलेगा की सियाचिन ग्लेशियर पर रहने वाले सैनिक कैसे अपने पीने के पानी का इंतजाम करते है.ये देखकर इन जाबाजों की दात देनी होगी.आपकी रूह काप उठेगी. हम सलाम करते है अपनी भारतीय सेना की जांबाजी को.जिस तरह से सियाचिन पर सैनिक पानी इकट्ठा करते है ये देखकर आप दंग रह जायेंगे. पानी के लिए ये बर्फ तोड़ते है,ऐसी बर्फ जिस पर बहुत फिसलन होती है, तेज हवा के कारण ओक्सीजन की कमी होती है. तेज हवा और फिसलनी बर्फ के कारण इनका संतुलन बिगड़ता रहता है.

देखे वीडियो पेज न. २ पर

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