नई दिल्ली – महीनों की तनातनी के बाद यूपी के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने खुलेआम बगावत कर दी है जिससे समाजवादी पार्टी दो टुकड़े होने के कगार पर खड़ी हो गई है। चाचा-भतीजा के बीच बात इतनी आगे बढ़ चुकी है कि सीएम अखिलेश यादव चुनाव आयोग जाकर एसपी के चुनाव चिह्न ‘साइकिल’ को जब्त करने की मांग कर सकते हैं। सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव और यूपी प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल यादव की ओर से यूपी विधानसभा के लिए टिकट बंटवारे में करीबियों का पत्ता साफ होने से अखिलेश के सब्र का बांध टूट गया। UP Assembly Elections 2017.

अखिलेश बोले: बड़ा कदम उठाने का वक्त आ चुका है –

गुरुवार को सीएम अखिलेश यादव ने अपने खास मंत्रियों व विधायकों से मुलाकात की जिस दौरान सपा सांसद अमर सिंह और बेनी प्रसाद वर्मा निशाने पर रहे। सूत्रों के अनुसार, अखिलेश को समर्थकों, विधायकों व मंत्रियों ने भरोसा दिलाया कि वे उनके साथ हैं और अब बड़ा कदम उठाने का वक्त आ चुका है। सूत्रों के मुताबिक, टिकट न पाने वाले मंत्री और अखिलेश के करीबी अरविंद सिंह गोप ने साफ तौर पर कहा कि उनका टिकट अमर सिंह ने कटवाया है और बेनी प्रसाद वर्मा ने अपने बेटे को टिकट दिलाने के लिए शिवपाल यादव के साथ मिलकर साजिश रची है।

मुलायम से मिले सीएम अखिलेश व शिवपाल –

गुरुवार को अखिलेश यादव और उनके चाचा व सपा के प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल यादव ने सपा प्रमुख से मुलाकात की। माना जा रहा है कि अखिलेश ने अपना विरोध दर्ज करा दिया है। इसके पहले गुरुवार की सुबह से ही लखनऊ में सपा कार्यकर्ताओं और प्रत्याशी जुटने लगे। अखिलेश ने विधायकों के साथ मीटिंग की। सीएम अखिलेश के आवास पर सांसद धर्मेंद्र यादव और मंत्री बलराम यादव भी पहुंचे वहीं अरिवंद सिंह गोप और अभिषेक मिश्र ने भी मुलाकात की। दरअसल, अखिलेश ने 235 उम्मीदवारों की नयी लिस्ट जारी की जिसके इसके जवाब में देर रात शिवपाल यादव ने मुलायम से मीटिंग के बाद 68 कैंडिडेट्स की एक और लिस्‍ट जारी कर दी जिसे समाजवादी पार्टी में दो-फाड़ के तौर पर देखा जा रहा है।

 

 

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