पुलवामा में शहीद हुए जवानों को इस शख्स ने दी अनोखे तरह से श्रद्धांजलि,गुदवाएं सभी शहीदों के नाम राजस्थान के युवक ने अपने शरीर पर बनवाया अनोखा टैटू, जिसपर लिखे हैं हमारे देश के 71 शहीद जवानों के नाम

पुलवामा हमले में शहीद हुए जवानों को एक शख्स ने अनोखे तरीके से श्रद्धांजलि दी है और इस शख्स ने इस हमाले में मारे गए सभी जवानों के नाम अपने शरीर पर गुदवाएं हैं. जहां लोग मोमबत्ती जलाकर इस हमले में मारे गए 42 जवानों को अपनी श्रद्धांजलि दे रहे हैं. वहीं राजस्थान में रहने वाले इस शख्स ने इन जवानों को श्रद्धांजलि देने के लिए ये तरीका अपनाया है और सदा के लिए इन जवानों के नाम अपने शरीर पर लिखवा लिए हैं.

गुदवाएं शहीदों के नाम

गोपाल सारण नामक इस शख्स ने अपने शरीर में ना केवल पुलवामा हमले में मारे गए सभी शहीदों के नाम गुदवाएं हैं बल्कि राजस्थान राज्य के अन्य शहीद जवानों के नाम भी इसने अपनी पीठ पर गुदवाएं हैं. गोपाल ने अपनी पूरी पीठ पर इन जवानों के नामों का टैटू बनावाया है और इनके पीठ पर 71 शहीदों के नाम लिखे गए हैं. बताया जा रहा है कि पुलवामा हमले में मारे गए 42 शहीद जवानों के अलावा जो अन्य नाम इन्होंने अपनी पीठ पर गुदवाएं हैं उनमें से 20 जवान राजस्थान के बीकानेर जिले से हैं. जबकि 9 जवान  राजस्थान के रतनगढ़ के हैं.

तिरंगा झंडा भी बनवाया

श्रीडूंगरगढ़ तहसील के मोमासर गांव से नाता रखने वाले गोपाल सारण ने इन शहीदों के नाम के अलावा अपनी पीठ पर हमारे देश का तिरंगा झंडा भी बनवाया है और इस तिरंगे के साथ गोपाल ने जवानों की टोप, बंदूक और जूते भी अपनी पीठ पर बनावएं हैं.

सरकार से हैं नाराज

71 शहीद जवानों के नाम अपनी पीठ पर गुदवाने वाले गोपाल अपनी राज्य सरकार से काफी नाराज हैं और इनकी नाराजगी की वजह इनके राज्य के शहीद जवानों का स्मारक नहीं बनाया जाना है. गोपाल के मुताबिक बीकानेर सभाग मुख्यालय में शहीद जवानों की स्मारक नहीं है और ये चाहते हैं कि जिस तरह से हर राज्य सरकार अपने राज्य के शहीद जवानों के लिए स्मारक बनाया करती हैं. ठीक उसी तरह से इस जगह पर भी शहीद जवानों की स्मारक बनाई जाए.

गौरतलब है कि 14 फरवरी को जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में आतंकवादियों ने जवानों की एक बस को अपना शिकार बनाया था और इस बस को बम से भरी एक गाड़ी से टक्कर मार दी थी. जिसके चलते इस बस में सवार सभी जवान मारे गए थे. इस हमले के बाद से देश के हर कोने में इन जवानों को लोग  श्रद्धांजलि दे रहे हैं और सरकार से इन जवानों की शहादत का बदला लेने की मांग कर रहे हैं. वहीं सरकार ने भी इस हमले के बाद सेना को खुली छुट देते हुए इस हमले को अंजाम देने वाले आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई करने के आदेश दिए थे और इस हमले के पांच दिन बाद ही पुलवामा में सेना ने इस हमले में शामिल 3 आतंकवादियों को मुठभेड़ में मार गिराया था. हालांकि महज इन आतंकवादियों को मारने के बाद भी भारत के लोगों के अंदर का गुस्सा शांत नहीं हुआ है और लोग पाकिस्तान देश के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने को लेकर सरकार से मांग कर रहे हैं. क्योंकि इस हमले को  मसूद अजहर के आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने करवाया है और ये आतंकी पाकिस्तान देश में आराम से बैठा हुआ है और पाकिस्तान सरकार इसके खिलाफ कुछ कदम नहीं उठा रही है.