पिता का पार्थिव शरीर देख कर 5 साल का बेटा बोला- मुझे बंदूक दो, आतंकियों को छोडूंगा नहीं इस 5 साल के मासूम की दहाड़ से काँप जाएगा पाकिस्तान, खाली नहीं जायेगी इस शेर की दहाड़

बीते 14 फरवरी को पुलवामा में हुए आतंकी हमले में सीआरपीएफ के 40 से ज्यादा जवान शहीद हो गए. पूरा देश जवानों की शहादत पर शोक मना रहा है. ये फिदायीन हमला तब हुआ जब जवानों की गाड़ी का काफिला डिप्लॉयमेंट के लिए बेस कैम्प जा रहा था. इस हमले के बाद देशभर के लोग पाकिस्तान की निंदा कर रहे हैं और हमले का जमकर विरोध कर रहे हैं. आम आदमी से लेकर बॉलीवुड सितारे भी इस हमले पर अलग-अलग तरीके से अपना गुस्सा जाहिर कर रहे हैं. बता दें, शहीद हुए जवानों में से 5 जवान राजस्थान के थे और उन्हीं में से एक थे हेमराज मीणा.

राजस्थान के रहने वाले थे हेमराज

कोटा जिला के सांगोद के विनोद कला गांव के हेमराज मीणा (43) सीआरपीएफ की 61वीं बटालियन में तैनात थे. वह पिछले 18 साल से फ़ौज में नौकरी कर रहे थे. आज हेमराज का अंतिम संस्कार उनके गांव विनोद कला में किया गया. उनके बड़े बेटे अजय ने उन्हें मुखाग्नि दी. अंत्येष्टि के दौरान एक तरफ जहां सब लोग अपनी भावनाओं को काबू करने की कोशिश कर रहे थे वहीं उनके 5 साल के बेटे ने भारत माता के जयकारे लगाकर सबको रुला दिया. शव यात्रा गांव पहुंचने पर शहीद के पिता, पत्नी, बेटे-बेटियों व परिजनों ने पार्थिव शरीर को नमन किया. वहीं मौजूद उनका 5 साल का बेटा भी खूब रोया और बाद में भारत माता के जयकारे लगाने लगा. ये मंजर देखते ही वहां मौजूद सभी लोगों की आंखें नम हो गयी.

छोटी उम्र में बड़ी सीख

हेमराज के अंतिम संस्कार के समय जब लोग भारत माता के जयकारे के साथ पाकिस्तान विरोधी नारे लगा रहे थे तभी अचानक भीड़ के साथ बहादुर बेटा भी नारे लगाने लगा. वह शेर की तरह दहाड़ते हुए तनकर खड़ा हो गया और बोला, “पाकिस्तान मुर्दाबाद”. वह शायद इस बात से अनजान था कि उसके पापा अब कभी घर वापस नहीं लौटेंगे. शहीद हेमराज के पिता, पत्नी, बेटे-बेटियों व परिजनों ने उन्हें नमन किया और नम आंखों से विदाई दी. हेमराज को उनके बड़े बेटे अजय और छोटे बेटे ऋषभ ने मुखाग्नि दी. सीआरपीएफ व कोटा ग्रामीण पुलिस की टुकड़ियों ने गार्ड ऑफ़ हॉनर का सम्मान देते हुए 25 राउंड फायर किये.

5 साल का बेटा बोला- मुझे बंदूक दो, नहीं छोडूंगा आतंकियों को

बड़े बेटे अजय ने कहा कि उसे अपने पिता की शहादत पर गर्व है. वहीं, 5 साल के बेटे ऋषभ को अभी दुनियादारी की समझ नहीं है. उसने जब घर पर आते इतने सारे लोगों को रोते-बिलखते देखा तो कहा- मैं पुलिस में जाऊंगा, आतंकियों को बंदूक से मारूंगा. मुझे बंदूक दो, आतंकियों को छोडूंगा नहीं.

बड़े भाई रामबिलास ने बताया कि जब हेमराज नागपुर में ट्रेनिंग से लौट रहे थे तो सोमवार को कुछ देर के लिए गांव आए थे. बुधवार को जम्मू-कश्मीर पहुंचते ही दोपहर बाद उनकी शहादत की खबर आ गई. जाते वक्त हेमराज ने पत्नी से वादा किया था कि वह 20 दिन बाद वापस आ जाएगा. आने के बाद परिवार के साथ घूमने जाने का भी वादा किया था.