Pulwama Attack: राजस्थान के ये 5 जवान हुए शहीद, एक पीछे छोड़ गया पत्नी और सवा चार महीने का बेटा

जम्मू कश्मीर के पुलवामा में गुरुवार को सीआरपीएफ के काफिले पर आतंकी हमला हुआ. आतंकी हमले में 40 से ज्यादा जवान शहीद हो गए. हमले में राजस्थान के 5 जवान शहीद हो गए. इस घटना के बाद राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने ट्वीट करके अपना दुख जाहिर किया है.

राजस्थान के ये 5 जवान हुए हैं शहीद

हेमराज मीणा, कोटा

कोटा जिला के सांगोद के विनोद कलां गांव के हेमराज मीणा (43) सीआरपीएफ की 61वीं बटालियन में तैनात थे. वह पिछले 18 साल से फ़ौज में नौकरी कर रहे थे. बड़े भाई रामबिलास ने बताया कि जब हेमराज नागपुर में ट्रेनिंग से लौट रहे थे तो सोमवार को कुछ देर के लिए गांव आए थे. बुधवार को जम्मू-कश्मीर पहुंचते ही दोपहर बाद उनकी शहादत की खबर आ गई. जाते वक्त हेमराज ने पत्नी से वादा किया था कि वह 20 दिन बाद वापस आ जाएगा. आने के बाद परिवार के साथ घूमने जाने का भी वादा किया था.

भागीरथ सिंह, राजाखेड़ा

राजाखेड़ा विधानसभा क्षेत्र के जैतपुर गांव निवासी भागीरथ सिंह सीआरपीएफ की 45वीं बटालियन में तैनात थे. भागीरथ की शादी 4 साल पहले ही हुई थी. भागीरथ अपने पीछे पत्नी के साथ दो बच्चों को भी छोड़कर गए हैं. 25 दिन की छुट्टी मनाकर दो दिन पहले ही वह ड्यूटी पर लौटे थे. बचपन में मां का देहांत होने के बाद पिता ही उनका सहारा थे. बेटे की मौत की खबर सुनकर पिता सदमें में हैं.

जीतराम गुर्जर, भरतपुर

भरतपुर नगर क्षेत्र के गांव सुन्दरावली निवासी जवान जीतराम गुर्जर भी पुलवामा आतंकी हमले में शहीद हो गए. घर से दो दिन पहले ही जीतराम पुलवामा ड्यूटी पर पहुंचे लौटे थे. उनके शहादत की खबर पहुंचने के बाद पूरे गांव में मातम पसर गया है.

रोहिताश लांबा, जयपुर

जयपुर की शाहपुरा पंचायत समिति के गांव गोविंदपुरा बांसड़ी के रहने वाले रोहिताश लांबा के शहादत की खबर सुनकर पूरा गांव मातम में डूब गया है. भाई की शहादत की खबर सुनते ही बड़े भाई जीतेंद्र लांबा की तबीयत बिगड़ गई है. गांव के बेटे की शहादत सुनकर रातभर पूरा गांव नहीं सो पाया. साल 1991 में जन्मे रोहिताश 2011 में सीआरपीएफ में भर्ती हुए थे. घरवालों के साथ एक महीने की छुट्टी बीताने के बाद बीते एक जनवरी को वापस ड्यूटी पर लौटे थे. बता दें, रोहिताश को सवा दो महीने का एक बेटा भी है.

नारायण गुर्जर, राजसमंद

राजसमंद के बिनोल गांव के निवासी नारायण गुर्जर बीते 12 फरवरी को ड्यूटी पर वापस लौटे थे.  पुलवामा आतंकी हमले में उनकी शहादत की खबर सुनकर पूरा गांव सदमे में है.

सबसे ज्यादा यूपी से शहीद हुए जवान

अजीत कुमार आजाद, प्रदीप सिंह यादव, कौशल कुमार रावत, महेश कुमार, प्रदीप कुमार, रमेश यादव, श्याम बाबू, अमित कुमार, विजय मौर्य, पंकज त्रिपाठी, अवधेश यादव, राम वकील (उत्तर प्रदेश), रतन कुमार ठाकुर, संजय कुमार सिन्हा (बिहार), विजय सोरेंग (झारखंड), वसंत कुमार वीवी (केरल), सुब्रमण्यम जी (तमिलनाडू), मनोज कुमार बेहरा, पीके साहू (ओडिशा), जीडी गुरु एच (कर्नाटक), संजय राजपुत (महाराष्ट्र), मनिंदर सिंह अत्री, कुलविंदर सिंह, जयमाल सिंह, सुखजिंदर सिंह (पंजाब), तिलक राज (हिमाचल प्रदेश), बबलू संत्रा (बंगाल), वीरेंद्र सिंह, मोहन लाल (उत्तराखंड), मानेसर बसुमत्री (असम).

ऐसे दिया हमले को अंजाम

बता दें, गुरुवार के दिन सीआरपीएफ का काफिला जम्मू से कश्मीर की तरफ रवाना हुआ था. इस काफिले में कुल 78 गाड़ियां थीं. इन गाड़ियों में 2500 से भी अधिक जवान शामिल थे. आतंकियों द्वारा जो बस टारगेट पर ली गयी उसमें लगभग 40 जवान मौजूद थे. जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी ने 350 किलो विस्फोटक से लदे वाहन को सीआरपीएफ के काफिले में चल रहे एक बस से भिड़ा दिया. विस्फोटक से लदा वाहन जैसे ही सीआरपीएफ की बस से टकराया वहां एक जोर का धमाका हुआ. धमाका इतना जबरदस्त था कि इसकी गूंज 10 किलोमीटर तक सुनाई दी थी. धमाके के बाद आतंकियों ने सीआरपीएफ के काफिले पर ताबड़तोड़ फायरिंग भी की.

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