चश्मदीदों से जानिए कितना भयानक था जवानों पर हुआ हमला, पढ़कर आप भी हो जाएंगे भावुक

पुलवामा हमले से हर कोई सदमे में है और हर किसी के अंदर इस बात का गुस्सा है कि आतंकियों ने हमारी सीआरपीएफ के करीब 40 जवानों को मार दिया है. इस हमले में सीआरपीएफ के जवान शहीद हुए है और हर कोई इनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना कर रहा है. ये हमला जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले के अवंतीपुरा के पास लेठपुरा बाजार के पास हुआ. टाइम्स ऑफ इंडिया ने वहां के लोगों से कुछ बात-चीत की जिसमें लोगों ने बताया कि ये हमला कितना भयानक था और इसे 10 से 12 किलोमीटर की दूरी पर आसानी से सुना गया. इतना ही नहीं पुलवामा के पास श्रीनगर में कई स्थानों पर इस धमकी की गूंज सुनाई दी और शुरुआत में लोगों ने इसे ज्यादा तवज्जो नहीं लेकिन बाद में पता चला कि ये एक भयानक हमला था. चश्मदीदों से जानिए कितना भयानक था जवानों पर हुआ हमला, हर कोई देखकर सहम गया और जिनकी जान गई वो अलग लेकिन कई घायल भी हुए.

चश्मदीदों से जानिए कितना भयानक था जवानों पर हुआ हमला

टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार, ये धमाका लेठपुरा बाजार से 30 मीटर की दूरी पर स्थित हाईवे पर हुआ और उस समय बाजार में खूब चहल-पहल थी. अचानक एक जोरदार धमाका हुआ और लोगों के कानों में सन्नाटा छा गया. इसके बाद लोगों में अफरा-तफरी मच गई किसी को समझ नहीं आ रहा था कि हुआ क्या. स्तानीय लोगों के मुताबिक, सीआरपीएफ की गाड़ियां जम्मू से श्रीनगर जा रही थीं और इसमें करीब 72 गाड़ियां शामिल थीं. इन गाड़ियों में सीआरपीएफ के जवान ही सवार थे. हर बस में 39 से 44 जवान थे और ये सभी छुट्टियां बिताकर अपने-अपने काम पर लौटे थे. लोगों ने बताया कि एक बस में धमाका हुआ और शवों के चिथड़े उड़ गए. पूरे इलाके में सिर्फ जूते-चप्पल और कपड़े ही दिखाई दे रहा था और ये सभी बस में सवार थे. वो लोग छुट्टियां बिताकर श्रीनगर पहुंचने वाले थे कि तभी श्रीनगर से करीब 20 किलोमीटर पहले ये हमला हुआ इन गाड़ियों में कुछ बसें थीं और कुछ ट्रक थे.

पहले भी इस जगह पर हुए आतंकी हमले

जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर इस तरह के हमले पहले भी कई बार हो चुके हैं. अवंतीपुरा के लेठपुरा में ही सीआरपीएफ कमांडो ट्रेनिंग सेंटर है और यहां 31 दिसंबर, 2017 को जैश-ए-मोहम्मद के एक आतंकी पर हमला कर दिया गया था जिसमें 5 जवान शहीद हुए थे. इसी हाईवे पर लेठपुरा से 7 किलोमीटर की दूरी पर पाम्पोर है जहां पर साल 2016 में सीआरपीएफ पर हमला हुआ था. इसमें 8 जवान शहीद हु थे और साल 2016 में ही फरवरी के महीने में आतंकियों ने सीआरपीएफ के काफिले पर हमला किया था जिसमें 9 जवान शहीद हुए थे. जैश-ए-मोहम्मद के कई आतंकी इस हाईवे पर हमला कर चुके हैं और हाल ही में इस हाईवे को भारी बर्फबारी के कारण बंद कर दिया गया था और 13 फरवरी को फिर से ट्रैफिक खोला गया.