डेटॉल की बोतल में रखती थी मीना कुमारी शराब, जानिए किस तरह से लगी थी इन्हें शराब की लत

अभिनेत्री मीना कुमारी की अदा और अभिनय को आज भी लोगों द्वारा याद रखा गया है और आज भी इस अभिनेत्री के जैसे अभिनय करने की इच्छा हर कोई करता है. हालांकि 90 से अधिक फिल्मों में काम करने वाली मीना कुमारी की असल जिंदगी काफी दुखों से भरी थी और इन्हीं दुखों के साथ ही इन्होंने महज 38 साल की आयु में इस दुनिया को अलविदा कर दिया था. दरअसल मीना कुमारी को लगी शराब की आदत ने इन्हें बेहद ही कमजोर बना दिया था और शराब की आदत इन्हें धीरे धीरे मौत के पास ले गई थी.

छुपके से की थी शादी

एक कामयाब अभिनेत्री होने के बाद भी मीना कुमारी की जिंदगी कष्टों से भरी हुई थी और ये काफी अकेली थी. वहीं साल 1950 के आसपास इनकी मुलाकात फिल्म निर्माता कमाल अमरोही से हुई थी. इस मुलाकात के बाद कमाल अमरोही और मीना कुमारी एक दूसरे के करीब आने लगे थे और इन्होंने साल 1952 में बिना किसी को बताए शादी कर ली थी. हालांकि जब मीना के पिता को इनकी शादी के बारे में पता चला तो वो बेहद ही गुस्सा हुआ और उन्होंने मीना को कमाल अमरोही से दूर रहने का आदेश दिया. लेकिन प्यार में मजबूर मीना कमाल अमरोही से दूर ना रह सकी और इन्होंने अपने पिता का घर छोड़कर अपने पति कमाल अमरोही के साथ रहना शुरू कर दिया.

मीना कुमारी के अनसुने किस्से

मीना कुमारी के पति कमाल अमरोही को मीना कुमारी के शराब पीने की आदत के बारे में कुछ समय बाद पता चला था और इन्होंने उस वक्त दिए गए एक इंटरव्यू में मीना कुमारी के शराब पीने का जिक्र करते हुए कहा था कि किसी को नहीं पता था कि ये इतनी शराब पीया करती हैं. एक दिन मैंने हमारे घर की नौकरानी को मीना को आधा गिलास ब्रांडी देते हुए देखा और ये देखकर मैं हैरान हो गया है और मैंने नौकरानी को खूब डांट मारी. वहीं नौकरानी ने तब मुझे बताया की मीना ने ही उन्हें इतनी ब्रांडी देने को कहा है.

डेटॉल की बोतल में भी होती थी ब्रांडी

बाथरूम में भी मीना कुमारी ब्रांडी पीया करती थी और कमाल के मुताबिक एक बार जब उन्होंने डेटॉल की बोतल को खोला तो उसके अंदर से ब्रांडी नकली. जिसके बाद से कमाल रोजाना ये सुनिश्चित किया करते थे की डेटॉल की बोतल और किसी अन्य जगह पर मीना ने ब्रांडी ना रखी हो.

कैसे लगी शराब की आदत

शादी से पहले मीना कुमारी  कमाल अमरोही  से देर रात फोन पर बात करती रहती थी जिसके कारण इन्हें नींद ना आने की बीमारी हो गई और इस बीमारी के कारण ये नींद आने के लिए दवाई लिया करती थी. वहीं साल 1963 में  मीना कुमारे के डॉक्टर ने इन्हें  नींद ना आने पर थोड़ी सी ब्रांडी पीने की सलाह भी दी थी, लेकिन इन्होंने काफी ब्रांडी पीना शुरू कर दिया था. वहीं साल 1964 में पति से अलग होने के बाद ये हर वक्त केवल ब्रांडी  ही पीया करती थी और इस तरह से इन्हें शराब पीने का आदत लग गई थी.

हो गई थी लिवर सिरॉसिस डाइग्नोस की बीमारी

मीना कुमारी के अधिक शराब पीने के चलते इन्हें लिवर सिरॉसिस डाइग्नोस की बीमारी हो गई थी और इस बीमारी का इलाज करवाने के लिए साल 1968 में  इनके विदेशों के खूब चक्कर भी लगाे थे. अपनी बीमारी का इलाज करवाने के बाद इन्होंने भारत वापस आकर फिर से फिल्मों में कार्य करना शुरू कर दिया था और इलाज के बाद से इन्होंने शराब पीना भी छोड़ दिया था. इस दौरान इनके पति और इनके रिश्ते भी काफी अच्छे होने लगे थे.

शराब की छोड़ने के बावजूद भी मीना की तबीयत ठीक नहीं रहती थी और इसी दौरान उनके पति ने उनको अपनी फिल्म पाकीज़ा में कार्य करने का प्रस्ताव दिया. जिसे मीना ने अपना लिया और इस बीमारी की हालत में इस फिल्म की शूटिंग की. ये फिल्म साल 1972 में रिलीज हुई थी और  इस फिल्म के रिलीज होने से तीन हफ्ते पहले ही मीना की तबीयत खूब खराब हो गई. और इन्होंने 31 मार्च 1972 को इस दुनिया को अलविदा कहा दिया था.