I am sorry, मैं नालायक हूं, तुम शादी कर लेना और फिर कर ली सुसाइड, बहन की होने वाली थी शादी

एक हंसता खेलता सुखी परिवार उस वक्त उजड़ जाता है जब उस परिवार के जवान बेटे की मौत हो जाती है। ऐसा किसी फिल्मी कहानी या टीवी सीरियल में ही नहीं होता बल्कि असल जिंदगी में होता है। 11वीं कक्षा के एक छात्र ने आत्महत्या कर ली। उसके पास से एक सुसाइड नोट भी मिला जिसमें उसने माफी भी मांगी है। उसने सुसाइड तो किया, लेकिन कैसे किया इसकी जांच चल रही है। अभी तय नही है कि उसने जहर खाया या फिर ऊंचाई पर से कूद गया। गौरतलब है कि मौत के तीन दिन पहले ही स्कूल से उसे अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए निकाल दिया गया था।

दीदी जीजा के साथ रहता था आयुष

सुसाइड करने वाले लड़के का नाम आयुष है जिसकी उम्र महज सोलह साल थी औऱ वह 11वीं का छात्र था। उसके पिता अंबिकापुर में रहते हैं और पीएचई के एसडीओ हैं। वह सरकंडा में अपने जीजा अनिल तिवारी के मकान में रहता था। वह उसके वहां के लोकल गार्जियन थे। मौत के तीन या चार दिन पहले स्कूल में किसी बदमाशी के चलते उसे सस्पेंड किया गया था। उसके दीदी जीजा को बुलाकर उसे उनके साथ घर भेजा गया था।

31 जनवर को उसके पिता के साथ उसे फिर से स्कूल बुलाया गया था। रात में वह अपने दीदी जीजा के घर से निकला, लेकिन लौटा नहीं। कुछ समय बाद उसकी घर से दूर लाश मिली। नाक मुंह से खून बह रहा था। चौकीदार ने उसके जीजा को देखा तो फौरन जानकारी दी जिससे उसे भाग कर अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने उसे वहां मृत घोषित कर दिया। उसके शव का पोस्टमार्टम रिपोर्ट अभी नही आई है, लेकिन उसके पास से मिला सुसाइड नोट कह रहा है कि उसने खुदकुशी की है।

आयुष के पास मिला सुसाइड नोट

सुसाइड नोट में उसने आत्महत्या करने की माफी अपने परिवार से मांगी है। आयुष ने लिखा था- आई एम सारी, मैं नालायक हूं, बदतमीज हूं, बेकाम हूं इस वजह से खुदकुशी करने जा रहा हूं। तुम अच्छे से रहना और शादी कर लेना। खबर है की उसके एक बहन की शादी कहीं तय हो चुकी थी। स्कूल का कहना है कि उसकी गलती पर उसे सिर्फ सस्पेंड किया गया था, निकाला नहीं गया था. स्कूल प्रबंधन का कहना था कि उसके दीदी जीजा को सारी घटना सबूत के साथ समझा दी गई थी। इसके बाद उसके पिता से भी स्कूल ने बात की थी।

हालांकि आयुष की मौत कई तरह के सवाल खड़ा कर रही है। आयुष को अगर जहर खाना था तो वह घर से दूर क्यों निकला। जहर खाने के बाद भी उसके मुंह से झाग नहीं निकलता तो शायद उसने जहर ना खाया हो। उसके पास एक शराब की बोतल मिली , लेकिन वह पीता नहीं था। ऐसे में सुसाइड नोट मिलने के बाद भी ऐसा लग रहा है जैसे मौत के वक्त आयुष के पास कोई था।

आयुष की मौत के बारे में जानना जरुरी है तभी उस कारण का पता लगा पाएंगे। स्कूल के प्रेशर की वजह से उसने आत्महत्या कर ली या फिर वह अपने घर में किसी बात को लेकर परेशान रहता था। ऐसा भी हो सकता है कि उसकी परेशानी में किसी ने उसका कत्ल कर दिया हो औऱ इसे आत्महत्या का रुप दे दिया हो। ये सारे राज तो अब तभी खुलेंगे जब पुलिस इस बारे में बताएंगे।

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