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पीएम मोदी बोले – “कांग्रेस के लिए पार्टी राष्ट्र से ऊपर”, चाणक्य नीति का दिया उदाहरण!

नई दिल्ली – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज शुक्रवार को संसदीय दल की बैठक में भाजपा सांसदों को संबोधित किया। बैठक को संबोधित करते हुए विपक्ष, खासकर कांग्रेस पर बड़ा हमला बोला। पीएम मोदी ने एक ओर इंदिरा के शासनकाल का जिक्र कर अपनी सरकार के नोटबंदी के फैसले का बचाव किया, तो दूसरी ओर कांग्रेस पर आक्रामक रुख भी दिखाया। पीएम ने कहा, 1971 में ही तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के सामने नोटबंदी का प्रस्ताव लाया गया था लेकिन इंदिरा गांधी ने यह प्रस्ताव यह कहते हुए प्रस्ताव को खारिज कर दिया कि क्या कांग्रेस को आगे चुनाव नहीं लड़ना है।  Modi address bjp parliamentary meeting.

कॉग्रेस पर पीएम का तीखा हमला –

संसदीय दल की बैठक में भाजपा सांसदों को संबोधित करते हुए पीएम ने कहा पार्लियामेंट में हंगामा पहले भी होता था, इस बार कुछ ज्यादा हो गया। 26 मार्च, 2014 को सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि 65 साल तक किसी सरकार ने विदेशों में जमा पैसे के बारे में नहीं सोचा और न ही सरकार से पूछा कि आखिर आपने क्या किया। पहली बार वामपंथियों की सोच में इतना बदलाव देखने को मिला है। उन्होंने कांग्रेस से राजनीतिक समझौता ही नहीं किया, बल्कि वैचारिक समझौता कर लिया है।  पीएम ने कहा कि आज की राजनीति का स्तर काफी नीचे गिर चुका है, आज का विपक्ष तो सेना पर भी सवाल कर रहा है। कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा अपने संसदीय दल के सामने कहा, ‘आप मुझे बताइए कि देश बड़ा या दल। उनके लिए पार्टी बड़ी है पर हमारे देश, दल से ऊपर है?’

बेनामी संपत्ति पर 1988 में बनाया कानून मगर लागू नहीं किया –

पीएम मोदी ने किसी दल का नाम लिए बिना कहा – 1988 में बेनामी संपत्ति के लिए आप कानून पास करते हो और इतने साल बीतने के बाद भी उसे नोटिफाई नहीं करते। संसद में पारित करके, प्रेस कॉन्फ्रेंस करके, पब्लिसिटी कमाकर राजनीति करते हैं, लेकिन इसे लागू नहीं करते। पीएम मोदी ने चाणक्य नीति के 15 वें अध्याय के छठे दोहे का जिक्र किया जिसमें कहा गया है कि – अन्याय से कमाया धन 10 साल ही टिकता है। 11 वां वर्ष लगते ही वह मूलधन के साथ नष्ट हो जाता है। उस समय ही चाणक्य ने यह बात कह दी थी।

 

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