फिर लगी साम्प्रदायिक दंगों की आग उत्तरप्रदेश मैं…!

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आजमगढ़ : बाराबंकी, 16 मई : समाजवादी पार्टी मुखिया मुलायम सिंह यादव के संसदीय निर्वाचन क्षेत्र आजमगढ़ के सरायमीर इलाके में हुई साम्प्रदायिक हिंसा के मामले में 200 से ज्यादा लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करके सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

आजमगढ़ में हुए दंगों को लेकर यूपी में बेहद तनाव है, लेकिन सवाल यह है कि सरकार कब तक यूँही इस तरह के साम्प्रदायिक की आग में जलने देगी यूपी को? मामूली सी विवाद को लेकर खोदादादपुर में शनिवार की रात साम्प्रदायिक हिंसा भड़क उठी थी। इस दौरान सीओ एसडीएम तहसीलदार सहित दर्जन भर पुलिसकर्मी घायल हुए। वहीं आम लोगों को भी चोटें आयीं। वहीं, उपद्रवियों ने कई घरों में आगजनी के साथ ही लूट-पाट की घटना को भी अंजाम दिया था। दंगे को नियंत्रण करने के लिए पुलिस द्वारा आंसू गैस छोड़ा गया। लाठीचार्ज और हवाई फायरिंग के बाद किसी तरह हालात काबू में आया।

रविवार को दिन भर तो इलाके में शान्ति रही लेकिन शाम होते-होत हिंसा आचानक फिर भड़क गई जिसमें फरिदाबाद बाजार के पास एक लकड़ी टाल में उपद्रवियों ने आग के हवाले कर दिया। जिससे पूरा गोदाम धू-धू कर जलने लगा वहीं, बाइक और ट्रैक्टर को भी आग के हवाले कर दिया।

इस मामले में यूपी के पूर्व डीजीपी ने कहा कि समाजवादी पार्टी वोट बैंक की राजनीति करती है इसीलिये सांप्रदायिक हैं और आजमगढ़ देहात में हुआ दंगा इसी का परिणाम है। पुलिस लाईन्स सभागार में लाये गये पूर्व डीजीपी ब्रजलाल ने यह आरोप पत्रकारों से बातचीत करते समय सपा सरकार पर लगाए।

Communal Violence

सोमवार को आजमगढ़ दंगे की जांच के लिए बीजेपी की टीम आजमगढ़ जा रही थी जिसमें यूपी के पूर्व डीजीपी ब्रजलाल और पूर्व आईजी डीके राय शामिल थे। बाराबंकी पुलिस को इन लोगों के जैसे ही आजमगढ़ जाने की सूचना मिली तो पुलिस ने नाकेबंदी शुरू कर दी और फिर थाना जैदपुर इलाके में स्थित अहमदपुर टोल प्लाजा पर पुलिस ने इन लोगों को गिरफ्तार कर लिया और पुलिस हिरासत में पुलिस लाईन्स ले आई।

पुलिस लाईन्स में मीडिया से बात करते हुए पूर्व डीजीपी ब्रजलाल ने कहा कि आज सपा सरकार में पुलिस का मनोबल गिर रहा है पुलिसकर्मी मरे जा रहे हैं। जबकि मेरे कार्यकाल में ऐसा नहीं था हमने अपने समय में यह नहीं देखा और न कभी ऊपर पूछा की जिसको हमने गिरफ्तार किया है वह किस पार्टी का है लेकिन आज ऐसा नहीं है पुलिस वाले वहीं हैं लेकिन आज पुलिस अधिकारियों को खुलकर काम नहीं करने दिया जा रहा है।

बड़े अफ़सोस की बात है कि आज अखिलेश सरकार आतंकियों की रिहाई की बात कर रही है और प्रदेश के डीजीपी और एडीजी पर मुकाम दर्ज़ किया गया। इन दोनों पूर्व पुलिस अधिकारीयों को भारी पुलिस बल के साथ पुलिस लाईन बाराबंकी लाया गया जहां बाराबंकी पुलिस के अधिकारी इन लोगों से जानकारी हासिल कर रहे हैं।

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