जानें देश की सबसे डरवानी जगह के बारे में, आखिर क्यों वहाँ जाने से डरते हैं लोग…देखें वीडियो!

लगभग हर देश में या राज्य में कुछ ऐसी जगहें होती हैं, जहाँ जाने से लोगों को डर लगता है। भारत में ऐसी अनेकों जगहें हैं, जिनके बारे में कुछ कहावतें प्रचलित हैं, जिसकी वजह से डर के मारे वहाँ लोग जाने से कतराते हैं। ऐसी ही एक जगह है, राजस्थान का भानगढ़। भानगढ़ का उजड़ा हुआ किला देश-विदेश में सबसे भुतहे जगहों में से एक गिना जाता है। भानगढ़ के किले के बारे में कहा जाता है कि यहाँ रात में आने वाला व्यक्ति जिन्दा ही नहीं बचता है। इसीलिए इस किले को सिर्फ दिन में घुमा जा सकता है। रात के समय इसे बंद कर दिया जाता है।

रात में जो भी रुकता है मारा जाता है:

इस किले के बारे में स्थानीय निवासियों का कहना है कि रात में इस किले से किसी के पायल और घुंघरुओं की आवाज आती है। इस किले में कोई भी रात के समय नहीं रुकता है तो यह आवाज कहाँ से आ सकती है। यहाँ के लोगों का कहना है कि इस किले में भूतों का निवास है और जो कोई भी इसमें रात के समय रुकता है, उसकी मृत्यु हो जाती है। हालांकि इस तरह से मरने की एक भी घटना के बारे में निकटवर्ती जगह के किसी भी व्यक्ति को नहीं पता है। लेकिन यह बहुत पहले से ही कहा जाता रहा है कि यहाँ रात में जाने वाला व्यक्ति मारा जाता है।

1573 में किया गया था किले का निर्माण:

आपको बता दें इस किले को देखने के लिए भारी संख्या में देशी और विदेशी पर्यटक हर रोज आते हैं, लेकिन रात होने से पहले ही सबको वहाँ से जाने के लिए कहा जाता है। यह किला भूतों का बसेरा कैसे बना, इसके बारे में कई कहानियाँ प्रचलित हैं। इसको देखने के बाद ही पता चल जाता है कि यह किला बहुत मजबूत है, फिर कैसे यह आज खंडहर बन गया। आपको बता दें इस किले का निर्माण 1573 में आमेर के राजा भगवन दस ने करवाया था। भानगढ़ राजा मानसिंह ने भाई माधो सिंह की राजधानी भी रह चुकी है। राजा मानसिंह को अकबर का करीबी माना जाता था।

यह भूतिया जगह कैसे बना इसके बारे में कई कहानी प्रसिद्ध है:

पहली कहानी:

ऐसा माना जाता है कि भानगढ़ को एक दुष्ट जादूगर ने श्राप दिया था, जिस वजह से भानगढ़ खंडहर बन गया है। दरअसल ऐसा माना जाता है कि भानगढ़ की राजकुमारी रत्नावती बहुत ही खुबसूरत थी। उनकी इसी खूबसूरती पर एक काले जादू का महारथी भी फ़िदा था। जिस दुकान से राजकुमारी के लिए इत्र जाता था, उसमे उस जादूगर ने जादू कर दिया। जादू इसलिए किया गया था, ताकि रानी उसके प्रेम में पड़ जाएँ। लेकिन किसी कारणवश उस इत्र को रानी ना लगा सकीं, क्योंकि वह एक पत्थर पर गिरकर टूट गयी।
चूँकि इत्र पर जादू किया गया था कि जो भी उसे लगाएगा वो जादूगर को प्यार करने लगेगा, इसलिए पत्थर को जादूगर से प्यार हो गया। पत्थर जादूगर की तरफ चलने लगा, जिससे कुचलकर जादूगर मारा गया। जादूगर मरने से पहले भानगढ़ को श्राप दे गया, कि भानगढ़ बर्बाद हो जायेगा। कुछ समय बाद भानगढ़ में एक युद्ध हुआ जिसमे भानगढ़ तबाह हो गया और यहाँ के सभी लोग मारे गए।

दूसरी कहानी:

ऐसा माना जाता है कि जिस समय महल का निर्माण किया जा रहा था, वहीं पास में एक तपस्वी साधू रहता था। उसने यह चेतावनी दी थी कि महल की ऊँचाई कम रखी जाए, जिससे महल की परछाई उस तक ना पहुंच सके। लेकिन ऐसा हुआ नहीं, जिससे क्रोधित होकर साधू ने श्राप दे दिया। इसलिए भानगढ़ पूरी तरह से बर्बाद हो गया।

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