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ईशा अंबानी को ससुराल से मिला आलीशान बंगला, कीमत का नहीं लगा सकते अंदाजा

शादी के इस सीजन में दीपिका औऱ प्रियंका के बाद अब मुकेश अंबानी की बेटी ईशआ अंबानी भी शादी के बंधन में बंधने जा रही हैं। उनकी शादी से जुड़ी खबरें भी जानने के लिए सब उत्साहित हैं। हाल ही में ईशा अंबानी सगाई आनंद पीरामल के साथ इटली के लेक कोमो में हुई थी। यह वही जगह हैं जहां दीपिका और रणवीर ने सात फेरे लिए हैं। बता दें कि ईशा अंबानी के शादी से जुड़ी ऐसी खबर सामने आई है जिसे सुनकर आप भी दांतों तले ऊंगली दबा लेंगे।

ये है आलीशान बंगले की कीमत

देश के सबसे अमीर व्यक्ति मुकेश अंबानी की इकलौती बेटी ईशा अंबानी की शादी आनंद पीरामल से होने जा रही है।आनंद पीरामल एक बिजनेसमैन हैं और करीब 67 हजार करोड़ के बिजनेस रन करते हैं। इनकी शादी से जुड़ी सबसे दिलचस्प खबर है शादी के बाद इनका बंगला।खबर है कि शादी के बाद ईशा 452 करोड़ रुपए के आलीशान बंगले में रहेंगी। यह बंगला मुंबई के वर्ली इलाके में है। 50 हजार फीट वाले इस जगह का नाम ओल्ड गुलीटा है।

इस बंगले की सबसे खास बात यह है कि इस बंगले के समुद्र का नजारा बेहद ही खूबसूरत दिखेगा। यह बंगला खूबसूरत संसाधनों से सजाया गया है। बंगले में तीन बेसमेंट बनाए गए हैं। इसमें दूसरा और तीसरा बेसमेंट पर्किंग और सर्विस के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। पहले बेसमेंट पर बगीचा, ओपन एयर स्विमिंग पूल और कुछ कमरे हैं।

ससुराल से मिला ईशा क तोहफा

ईशा मायके में अंबानी परिवार की बेटी हैं और सुसराल में पीरामल परिवार की बहु हो जाएंगी। उनका अपना मैंशन बेदह खूबसूरत है, लेकिन ईशा की यह नई हवेली किसी राजमहल से खूबसूरत नहीं है। बता दें कि आनंद पीरामल के पिता अजय पीरामल नमे 452 करोड़ रुपए में इस बंगले को खरीदा है। ईशा और आनंद 12 दिसंबर को महीने में शादी के बंधन में बंधेंगे। अजय पीरामल और स्वाति पीरामल ने यह बंगला अपने बेटे और बहू को गिफ्ट के तौर पर दिया है।

कौन है आनंद पीरामल

आज के वक्त में पीराम बिजनेस का एम्पायर 67 हजार करोड़ रुपए है और इसकी शुरुआत 1920  में हुई थी। वर्ल्ड वॉर के बाद अजय पीरामल के दादा सेठ पीरामल चतुर्भुर्ज मुखारिया 50 रुपए लेकर राजस्थान के बागड़ से बॉम्बे आए थे और एक 50 रुपए के बिजनेस से आज 67 हजार करोड़ का बिजनेस खड़ा हो चुका है।

उनके बाद उनके बेटे और अजय पीरामल के पिता और आनंद पीरामल के दादाजी ने यह बिजनेस संभाल लिया। कंपनी के फाउंडर और दादा के सम्मान में बेटे मे अपना सरनेम मखारिया से बदलकर पीराम ल कर लिया। इस बिजनेस को बढ़ाते हुए उन्होंने पहले VIP इंडस्ट्री और फिर मिरिंडा टूल्स कंपनी का अधिग्रहण किया। इसके बाद अजय पीरामल ने अपने पिता का टेक्सटाइल का बिजनेस पूरी तरह से अपना लिया।

अजय के पिता और आनंद पीरामल के दादा के निधन के बाद उनके बिजनेस का अजय के भाई ने बंटवारा कर लिया। बंटवारे के बाज अजय पीरामल के हिस्से में टेक्सटाइल और मिरिंडा टूल्स कंपनी रह गई। कुछ समय बाद बिजनेस भी डूबने लगा। उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। एक गुजरात ग्लास लिमिटेड कंपनी खरीदी। इसके बाद उन्होंने फ़र्मा बिजनेस में एंट्री कर ली और दोनों बिजनेस को मर्ज कर लिया।

इसके बाद आनंद ने 2005 में पीरामल लाइफ साइंस लिनिटेड में बतौर डॉयरेक्टर ज्वाइन कर लिया। निकोलस पीरामल इंडियां कंपनी का नाम बदलकर पीरामल हेल्थकेयर लिमिटेड कर दिया गया। आज के .समय में यह कंपनी 100 देशों में कारोबार कर रही है। यह कारोबार करीब 67 हजार करोड़ तक पहुंच चुका है।

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