Inspirational Short Moral Stories in Hindi | प्रेरक कहानियाँ

जीवन में आगे बढ़ने के लिए हर इंसान कभी ना कभी किसी ना किसी से या तो प्रेरणा लेता है या फिर प्रेरित होता है। जीवन का लक्ष्य पाने का हर किसी का तरीका अलग होता है मगर आपको बता दें उसके लिए कहीं ना कहीं से प्रेरणा की भी आवश्यकता पड़ती है। आज हम आपके लिए कुछ ऐसी ही प्रेरित कहानियाँ Moral Stories In Hindi लेकर आए हैं जो निश्चित रूप से आपको एक सीख या संदेश देती है।

Short Moral Stories in Hindi

Short Moral Stories in Hindi

हाथी हार गया  short Moral Stories in Hindi ‘Hathi haar gaya’

एक समय की बात है जब एक व्यक्ति एक हाथी को रस्सी से बांधकर ले जा रहा था, तभी उसे रास्ते में एक दूसरा व्यक्ति मिला जो उसे काफी देर से देख रहा था। उसे इस बात पर काफी ज्यादा हैरानी हो रही थी की कैसे वह व्यक्ति इतने बड़े जीव को एक मामूली सी रस्सी से बांधकर आसानी से ले जा रहा है। जब उसस रहा ना गया तो आखिरकार उस दूसरे व्यक्ति ने हाथी के मालिक से पूछ ही लिया “यह कैसे संभव है की आप इतने बड़े और ताकतवार जानवर को एक हलकी सी रस्सी से बंधकर ले जा रहे और वो इसे तोड़ नहीं पा रहा और चुपचाप तुम्हारे पीछे-पीछे चल रहा है।

उस व्यक्ति की बात सुन मुस्कराते हुए हाथी के मालिक ने उसे एक बात बताई। उसने कहा की जब ये हाथी छोटे थे तब से ही इन्हे इसी रस्सी से बांध दिया जाता था और उस समय जब ये इस रस्सी को तोड़ने की तमाम कोशिश करने के बाद भी इसे नहीं तोड़ पाते थे। बार बार कोशिश करने पर भी यह उस रस्सी को नहीं तोड़ पाते तो हाथी सोच लेते है की वह इस रस्सी को नही तोड़ सकते और बढे होने पर कोशिश करना ही छोड़ देते है।

Moral of The Story : अक्सर जी कई बार हम खुद भी ऐसी कई सारी नकारात्मक बातें अपने दिमाग में बैठा लेते हैं और यह माना लेते हैं की हम ये काम नहीं कर सकते और प्रयास करना ही छोड़ देते हैं और इसी तरह की एक रस्सी को खुद से बांध लेते हैं जो की वास्तव में होती ही नहीं है।

Short Moral Stories in Hindi

नन्ही चिड़िया Short Moral Stories in Hindi ‘Nanhi chidiya’

बहुत समय पहले की बात है एक बहुत ही घना जंगल हुआ करता था। एक बार जाने किसी कारण से पूरे जंगल में भयंकर आग लग गयी जिसे देख जंगल में रहने वाले सारे जानवर डर रहे थे की अब क्या होगा और वो कहाँ जाएंगे।
तभी कुछ ही देर में पूरे जंगल में भगदड़ मच गयी सभी जानवर इधर-उधर भागने। हर कोई अपनी-अपनी जान बचाने में लगा हुआ था। उसी जंगल में एक नन्ही सी चिड़िया भी रहा करती थी, जब उसने देखा क़ि जंगल में आग लगी हुई है और हर कोई यहाँ पर दारा हुआ है तो उसने सोचा की उसे लोगों की मदद करनी चाहिए।

बस इतना ही सोचना था की वो झट से पास की एक नदी की तरफ उड़ चली और अपने नन्ही सी चोच में पानी भरकर लाई और आग में डालने लगी। इस तरह से वो जंगल में लगी आग को बुझाने के प्रयास से बार बार नदी में जाती और चोच में पानी डालती। तभी वहाँ पास से ही एक उल्लू गुजर रहा था, जब उसने नन्ही सी चिड़िया को ऐसा करते देखा तो उसने सोचा की कितनी मूर्ख है यह चिड़िया जो इतनी भीषण आग को अपनी चोंच में पानी भरकर बुझाने का असफ़ल प्रयास कर रही है।

यही सोचकर वह चिड़िया के पास गया और बोला कि तुम मूर्ख हो इस तरह से आग नहीं बुझाई जा सकती है, इसपर नन्ही चिड़िया ने बहुत ही विनम्रता के साथ उत्तर दिया, मुझे पता है कि मेरे इस प्रयास से कुछ नहीं होगा लेकिन मुझे अपनी तरफ से सेर्व्श्रेष्ट करना है। आग चाहे कितनी भी भयंकर हो लेकिन मैं तो अपना प्रयास नहीं छोड़ने वाली हूँ।

चिड़िया के इस उत्तर ने उल्लू को बहुत ही प्रभावित किया और आपको बता दें की यही बात हमारे जीवन पर भी लागू होती है। बताना चाहेंगे की हमारे जीवन में जब कभी भी कोई परेशानी आती है तो इंसान घबराकर हार नहीं माननी चाहिए बल्कि बिना डरे लगातार प्रयास करते रहना चाहिए और यही इस कहानी की शिक्षा है।

Short Moral Stories in Hindi

चिड़िया की परेशानी  Short Moral Stories in Hindi ‘Chidiya ki pareshani’

एक चिड़िया थी वह बहुत ऊंचा उड़ती, इधर उधर चहचहाती रहती कभी इस टहनी पर कभी उस टहनी पर खूब फुदक रही थी, पर उस चिड़िया की एक आदत थी की प्रत्येक दिन उसके साथ जो भी होता अच्छा या फिर बुरा वो उतने पत्थर अपने पास पोटली में रख लेती। जब भी कभी वो अपने घर में रहती तो उन पत्थरो को पोटली से निकाल कर देखती। अच्छे पत्थरो को देखकर बीते दिनों में हुई अच्छी बातो को याद करके खुश होती और खराब पत्थरो को देखकर दुखी होती।

वह चिड़िया हर दिन ऐसा करती थी और हर दिन पत्थर इकठा करने की वजह से उसकी पोटली भारी होती जा रही थी। पता चला की कुछ ही दिनों के बाद उसकी पोटली इतनी ज्यादा भारी हो गयी की अब उसे लेकर उड़ने में उसे दिक्कत होने लगी मगर वो इस बात को समझ नहीं पा रही थी की आखिर उसके साथ ऐसा क्यों हो रहा। ऐसे ही कुछ समय और बीता, पोटली और भारी होती जा रही थी अब तो उसका जमीन पर चलना भी मुश्किल हो रहा था और एक दिन ऐसा आया की वह खाने पीने का इंतज़ाम भी नहीं कर पाती अपने लिए और अपने सुख दुख के पत्थरो के बोझ तले मर गयी।

Moral Of the Story : दोस्तों ऐसा ही हमारे साथ होता है जब हम पुरानी बातो की पोटली अपने साथ रखते है। अपने वर्तमान का आनंद लेने की जगह भूतकाल की बातो को ही सोचने में लगे रहते हैं, इस पल का आन्नद लीजिये।

आपको हमारी Short Moral Stories in Hindi कैसी लगी, हमें Comment में जरुर लिखें, Moral Stories in Hindi यानी की preranadayak hindi kahaniyaan  जो किसी भी इंसान को निराशा से आशा की तरफ ले जाती है और हमेशा जीवन में अग्रसर होने की राह दिखाती है जिससे किसी भी व्यक्ति के जीवन में सकारात्मकता आती है।

 

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