सिंदूर क्यों लगाते हैं, जानिये सिंदूर लगाने का धार्मिक एवं वैज्ञानिक महत्व

एक चुटकी सिंदूर की कीमत तुम क्या जानों रमेश बाबू….ओम शांति ओम फिल्म का ये डॉयलाग काफी फेमस हुआ था।जिसमें दीपिका,रमेश बाबू से एक चुटकी सिंदूर की कीमत पूछती हैं।फिल्म में तो आपको दीपिका ने जो कीमत बताई वो अपनी जगह सही थी लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आखिर में सर में सिंदूर लगाने की प्रथा शुरू कब हुई और इसका क्या महत्व है। बता दें कि हिंदू धर्म में सिंदूर का बहुत ही खास महत्व है, पुराने समय से ही सुहागिनें अपने पति की लंबी उम्र के लिए मांग में सिंदूर भरती आई हैं। जानिए सिंदूर क्यों लगाते हैं :

स्त्रियों के 16 श्रंगार होते हैं जिनमें से एक सिंदूर भी है। किशी भी शादीशुदा औरत को सिंदूर के बिना अधूरा माना जाता है,और इसको मा लगाना अशुभ भी माना जाता है, कह ये भी सकते हैं कि मांग में सिंदूर लगाकर औरतें अपने शादीशुदा होने का प्रमाण देती हैं।लेकिन इस सिंदूर का एक महत्व है जो शायद ही किसीको पता हो।सिंदूर को ना केवल शादी के प्रतीक के रूप में लगाया जाता है बल्कि इसे लगाने के पीछे और भी कई कारण हैं।हिंदू धर्म के अनुसार ये एक परंपरा है लेकिन, इसके पीछे एक वैज्ञानिक रहस्य भी छिपा हुआ है।तो चलिए आपको बताते हैं सिंदूर का महत्व, सिंदूर क्यों लगाते हैं :

जानिए सिंदूर क्यों लगाते हैं

मान्यता- बता दें कि सिंदूर को देवी पार्वती का प्रतीक माना जाता है जिसे लेकर एक मान्यता ये भी है कि देवी पार्वती ने अपने पति के सम्मान के लिए अपना जीवन त्याग कर दिया था। अतः जो भी महिला सिन्दूर लगाएगी, देवी पार्वती उसके पति की जीवन भर हर संकट से रक्षा करेगी। उसे देवी पार्वती से अखंड सौभाग्यवती होने का वरदान प्राप्त हो जाता है।साथ ही देवी लक्ष्मी को हिन्दू मान्यतानुसार सिर पर विराजमान बताया गया है. इसलिए विवाहित स्त्रियां सिर पर सिन्दूर लगाकर लक्ष्मी को सम्मान देती है।लक्ष्मी की कृपा से पति-पत्नी लम्बे समय तक साथ रहते है,उनके सम्बन्धों में विच्छेद नहीं आता।

सिंदूर लगाने का धार्मिक महत्व

पती की उम्र बढ़ाता है – हिंदू समाज में हर शादी शुदा स्त्री को सिंदूर अनिवार्य होता है।ऐसा माना जाता है कि शादीशुदा महिला का सिंदूर लगाने से उसके पति की उम्र लंबी होती है।

लाल रंग शक्ति का प्रतीक – हिंदू घर्म में लाल रंग को माता सती और पार्वती माता का प्रतीक माना जाता है।सती ने अपने पति की खातिर अपने जीवन का त्याग किया था।ऐसा माना जाता है कि सिंदूर लगाने से देवी पार्वती ‘अखंड सौभागयवती’ होने का आशीर्वाद देती हैं।

लक्ष्मी माता का सम्मान – ऐसा माना जाता है कि देवी लक्ष्मी पृथ्वी पर पांच स्थानों पर वास करती हैं, हिंदू धर्म में उनको सिर पर स्थान दिया गया है।माथे पर कुमकुम लगा कर माता लक्ष्मी को सम्मान दिया जाता है, ताकि घर में सुख –समृद्धि बनी रहे।

सिंदूर लगाने का वैज्ञानिक महत्व-

मन का रखता है शांत- वैज्ञानिक दृष्टिकोण से देखा जाए तो जब एक औरत जब सिंदूर लगाती है तो वह सिंदूर उसके मन को शांत रखने में मदद करता है। इतना ही नहीं सिंदूर से उसका स्वास्थ भी अच्छा बना रहता है।

रक्तचाप को रखता है नियंत्रि- वैज्ञानिक दृष्टिकोण की मानो तो सिंदूर आपके रक्तचाप को नियंत्रित रखता है।

तनाव करता है दूर- सिंदूर में मर्करी यानी पारा होता है जो अकेली ऐसी धातु है जो लिक्विड रूप में पाई जाती है। सिंदूर लगाने से शीतलता मिलती है और दिमाग तनावमुक्त रहता है।

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