गरुड़ पुराण के अनुसार कलयुग के 17 ऐसे पाप जो आपको सीधे नर्क ले जा सकते हैं!

हिन्दू धर्म दुनियाँ का सबसे पुराना धर्म माना जाता है, कुछ लोग इसे सनातन धर्म के नाम से भी जानते हैं। गरुड़ पुराण के अनुसार इंसान को उसके कर्मों के अनुरूप ही उसे फल मिलता है। हिन्दू धर्म में तीन देवताओं को स्तम्भ के रूप में माना जाता है। ब्रह्मा जी जिन्हें सृष्टि का रचयिता माना जाता है, जिन्होंने कर्तव्य और जीवन की अवधारणा दी थी। भगवन विष्णु को सृष्टि के पालनहार के रूप में माना जाता है, जिन्होंने खुद पर जीवन के अच्छे- बुरे कर्मों और धर्म से चले गए मार्ग के देखरेख की जिम्मेदारी ले ली। भगवन शंकर को विनाश का देवता कहा जाता है, जब सृष्टि में पाप ज्यादा बढ़ जाता है तो वे इसे ख़त्म करके नए तरह से शुरुआत की बात करते हैं।

गरुड़ पुराण

गरुड़ और भगवन विष्णु की बातचीत:

सभी लोगों को पता है कि गरुण भगवन विष्णु की सवारी है। भगवन विष्णु ने गरुड़ की बहादुरी से प्रसन्न होकर ही इन्हें अपनी सवारी बनाया था। भगवन विष्णु ने धर्म, कर्म और पाप से सम्बंधित सभी ज्ञान को अपने सवारी गरुड़ के साथ साझा किया, जो बाद में गरुड़ पुराण के नाम से जाना गया।

एक बार गरुड़ ने भगवान विष्णु से स्वर्ग और नर्क के निवासियों के बारे में पूछा, तो उन्होंने बताया जो लोग हमेशा गलत काम करते हैं और अच्छे कामों से हमेशा दूर भागते हैं, वह नर्क में जाते हैं। वे लोग दुःख झेलते हैं और हमेशा भयभीत रहते हैं।

कलयुग के 17 ऐसे पाप जो आपको सीधे नर्क ले जाते हैं:

जो लोग पाप के साम्राज्य में रहते हैं और लोगों को कष्ट देते हैं, अपनी वजह से हमेशा दूसरों को दुःख देते हैं, उन्हें भगवान कभी माफ़ नहीं करता है। यहाँ हम आपको कलयुग के 17 पापों के बारे में बता रहे हैं, जिनको करने वाला सीधे नर्क में जाता है। उन्हें वैतरणी नदी की आग से नहीं ले जाया जाता है, जबकि वो कामना करते हैं कि वो इसकी आग में अपने किये पापों को धो लें। आइये जानते हैं कौन से वो 17 पाप हैं, जो आपको सीधे नर्क ले जा सकते हैं।

गरुड़ पुराण

गरुड़ पुराण के अनुसार  कलयुग के 17 ऐसे पाप जो आपको सीधे नर्क ले जाते हैं:

जो लोग पाप के साम्राज्य में रहते हैं और लोगों को कष्ट देते हैं, अपनी वजह से हमेशा दूसरों को दुःख देते हैं, उन्हें भगवान कभी माफ़ नहीं करता है। यहाँ हम आपको कलयुग के 17 पापों के बारे में बता रहे हैं, जिनको करने वाला सीधे नर्क में जाता है। उन्हें वैतरणी नदी की आग से नहीं ले जाया जाता है, जबकि वो कामना करते हैं कि वो इसकी आग में अपने किये पापों को धो लें। आइये जानते हैं कौन से वो 17 पाप हैं, जो आपको सीधे नर्क ले जा सकते हैं।

1- जो लोग ईश्वर की सेवा में लगे हुए एक ब्राम्हण की हत्या करता है, जो हमेशा नशे की हालत में रहता है, पवित्र कसमों और वादों को तोड़ने वाला और भ्रूण में पल रहे बच्चे की हत्या करने वाला सीधे नर्क जाने से बच नहीं पाता है।

2- एक महिला की हत्या को बहुत बड़ा पाप माना जाता है। जब कोई किसी महिला की हत्या करता है और खासतौर पर तब जब उसके अन्दर एक और जान पल रही हो, तो उस व्यक्ति को नर्क जाने से कोई नहीं रोक सकता है। किसी महिला की इज्जत के साथ खिलवाड़ करने वाले और जो लोग खड़े होकर यह सब देखते हैं वो भी पाप के भागी होते हैं, ऐसे लोग भी नर्क से नहीं बच पाते हैं।

विश्वासघात करने वाला

3- किसी के साथ विश्वासघात करने वाला और उसकी हत्या ज़हर देकर करने वाले को भी नर्क में जाना ही पड़ता है।

4- पवित्र स्थानों पर गंदे काम करने वाले, अच्छे लोगों को धोखा देने वाले, किसी के अहसान के बदले उन्हें गाली और उनका दुरूपयोग करने वाले, धार्मिक वेदों, पुराणों, शास्त्रों के अस्तित्व पर सवाल उठाने वालों को भी नर्क से कोई नहीं बचा सकता है।

5- जिनके मन में असहायों के लिए दया भावना नहीं है और जो कमजोरों को सताते हैं, वे सीधे नर्क ले जाए जाते हैं।

6- जानबूझकर किसी भूखे को खाना- पानी ना देना और घर आये हुए मेहमान को बिना खिलाये भगा देने वालों को भी सीधे नर्क जाना पड़ता है।

7- किसी को दिए गए सामान को छिनने वाला, दिए गए दान पर पछतावा करने वाला, अपने स्वार्थ के लिए किसी की आजीविका छिनने वाला भी सीधे नर्क जाता है।

8- जो भगवन की सेवा को छोड़कर शराब और मांस की बिक्री के काम में लग जाता है एवं जो अपने पति या पत्नी के अलावा किसी और से सम्बन्ध बनाता है, उसे भी सीधे नर्क भेजा जाता है।

व्यक्तिगत स्वार्थ के लिए किसी जानवर की बलि देने वाला भी सीधे नर्क जाता है।

9- व्यक्तिगत स्वार्थ के लिए किसी जानवर की बलि देने वाला भी सीधे नर्क जाता है।

10- राजा की पत्नी, किसी महान व्यक्ति की पत्नी और एक ही परिवार की महिलाओं के प्रति जो भी बुरा सोचता है, साथ ही साथ जो युवा लड़कियों को उनकी ज्ञान और इच्छा के खिलाफ कोसता है, उसे भी नर्क में सीधे जाना पड़ता है।

11- झूठी गवाही देने वाले, अपने बुरे कर्मो के जरिये किसी निर्दोष को मुसीबत में डालने वाले, बुरे लोगों को सच्चाई की बिक्री करने वालों को भी सीधे नर्क जाना पड़ता है।

12- माँ प्रकृति को पेड़, वन, और फसलों को काटकर नुकसान पहुँचाने वालों और प्रकृति के जन्म आश्रयों को नष्ट करने वालों को सीधे नर्क ले जाया जाता है।

13- एक विधवा की पवित्रता को नष्ट करने वाला और शादी की सीमाओं को तोड़ने वाला भी भगवन की नज़र में एक सामान गुनाहगार होता है।

14- पति या पत्नी और बच्चों पर हमला करने वाले एवं उनकी आवश्यकताओं की उपेक्षा करने वाले, अपने पूर्वजों की अनदेखी करने वालों को भी सीधे नर्क जाना पड़ता है।

15- जिनके अन्दर शिव, विष्णु, सूर्य, गणेश और माँ दुर्गा के लिए भय नहीं हो और जो लोग इनकी पूजा ना करके इनका अनादर करते हों, उन्हें भी सीधे नर्क जाना होता है।

16- जो किसी महिला को बदनाम करने के इरादे से उन्हें शरण देता है और फिर उनके साथ अपराध करता है, वह बहुत बड़ा पापी होता है। जुनून और जबरदस्ती से महिला के मासिक चक्र के दौरान उसकी श्रद्धा को तोड़ने की कोशिश करने वाला भी पापी होता है, और उसे नर्क से कोई नहीं बचा पाता है।

17- जो भी शरीर को पवित्र अग्नि, पवित्र जल, बगीचे या गौशाला में फेंकता है, उसे नर्क में यम द्वारा सताया जाता है।

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