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देश में सूरज की रोशनी से चलने वाली पहली फुल ट्रेन तैयार, अब ट्रायल की तैयारी

भारतीय रेलवे ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। देश की पहली फुल सोलर ट्रेन पटरियों पर दौड़ने के लिए तैयार है। इसका निर्माण किया है रेलवे के जोधपुर कारखाने के इंजीनियरों ने। मंत्रालय से मंजूरी मिलनेके बाद ट्रायल होगा, तब ट्रेन चलेगी। हालांकि ट्रायल में एक पेंच भी फंसा है। वह यह कि ट्रेन की छतों पर लगे सोलर पैनल की सुरक्षा की रेलवे को फिक्र है। आशंका है कि कहीं यात्री छतों पर चढ़कर सोलर पैनल न उखाड़ ले जाएं। रेलवे का कहना है कि ट्रेन को उस रूट पर नहीं दौड़ाया जाएगा जहां यात्री  छतों पर चढ़कर सफर करते हों। ट्रायल के लिए अभी मंत्रालय से हरी झंडी मिलनी बाकी है।
देश में सूरज की रोशनी से चलने वाली पहली फुल ट्रेन तैयार, अब ट्रायल की तैयारी
दो दर्जन ट्रेनें और बनेंगी
रेलवे सूत्रों के मुताबिक पहली ट्रेन का ट्रायल होने के बाद जयपुर रेल कारखाने में एेसी करीब दो दर्जन और ट्रेनें बनेंगी। योजना के मुताबिक सौर ऊर्जा को स्टोर कर रात में भी प्रयोग किया जाएगा। बता दें कि रेलवे इससे पूर्व 2015 में  रेवाड़ी-सीतापुर पैसेंजर ट्रेन की एक नान एसी कोच में ही हुआ था। मगर इस बार पूरी सोलर ट्रेन ही ट्रायल के लिए तैयार हुआ है।
ट्रेनें कराएंगी  रेलवे को फीलगुड
सोलर ट्रेनों के चलने से रेलवे को भारी फीलगुड होगा। आइआइटी बेंगलुरु की रिसर्च के मुताबिक 20 कोच वाली ट्रेन के साल भर में 188 फेरे लेने पर 90 हजार लीटर की जरूरत होती है। इस डीजल की कीमत करीब 50 लाख रुपये होती है।  इस प्रकार हर साल रेलवे करीब 50 लाख रुपये के डीजल बचाएगा।
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