लोकसभा सीटों को लेकर बीजेपी-जदयू में तनातनी, जानिए क्या होगा नीतीश का अगला कदम

लोकसभा चुनाव 2019 के लिए राजनीतिक दलों से लेकर आम जनों तक सबकी दिलचस्पी बढ़ती जा रही है। अलग अलग पार्टियों में तैयारियां जारी है। इस वक्त बिहार एनडीए में सीटों को लेकर सबसे अधिक खींचतान देखी जा रही है। बिहार के मुख्यमंत्री और जेडीयू के मुखिया नीतीश कुमार ने कल भाजपा अध्यक्ष अमित शाह से मुलाकात की थी। लेकिन अभी भी सीटों को लेकर कोई बात बनती दिख नहीं रही है।

 

मगर जनता दल यूनाइटेड ने सीटों के बंटवारे पर तालमेल की जिम्मेदारी अपने सबसे नए सदस्य प्रशांत किशोर को दे दी है। कुछ ही दिन पहले जेडीयू ज्वाइन करने वाले प्रशांत किशोर को ये बड़ी जिम्मेवारी दी गई है। हालांकि प्रशांत किशोर पार्टी के किसी भी पद पर नहीं है। लेकिन भाजपा हाईकमान से उनके अच्छे रिश्तों को देखते हुए उन्हें ये जिम्मेदारी खुद पार्टी प्रमुख नीतीश कुमार ने दी है।

 

जेडीयू में प्रशांत किशोर की पहली परीक्षा- माना जा रहा है कि जेडीयू ज्वाइन करने के बाद ये प्रशांत किशोर के राजनीतिक कुशलता और रणनीति की पहली परीक्षा होगी। कल अमित शाह से मिलकर नीतीश कुमार ने बिहार में 40 में से 17 सीटों पर चुनाव लड़ने की इच्छा जाहिर की है। लेकिन भाजपा के फॉर्मूले में जेडीयू को बिहार में 12 सीटें ही दी जाएगी।  दोनों ही दल के नेता कह रहे हैं कि पिछले कई दिनों से चला आ रहा ये खींचतान अब कुछ ही दिनों में सुलझ जाएगा। क्योंकि अमित शाह बिहार एनडीए के सभी घटक दलों के प्रमुख से जल्द ही मुलाकात करने वाले हैं। वहीं प्रशांत किशोर की बात करें तो अमित शाह के साथ उनकी मुलाकात की तिथि अभी तय नहीं है लेकिन माना जा रहा है कि पासवान, कुशवाहा से मिलने के बाद किशोर से भी अमित शाह मिल सकते हैैं।

भाजपा-जेडीयू की अलग अलग राय- बिहार के कुल 40 लोकसभा सीटों में से बीजेपी 20-20 के फॉर्मूले पर चुनाव लड़ना चाहती है। मतलब भाजपा खुद 20 सीटों पर चुनाव लड़ सकती है तो वहीं बाकी के 20 सीटों में कुशवाहा, पासवान और नीतीश कुमार के पार्टियों में बंटवारा करने का मू़ड है। लेकिन जेडीयू इस फॉर्मूले से नाखुश है। उसका मानना है कि कुशवाहा की रालोसपा को बीजेपी अपने सीटों में हिस्सा दे। बाकी पासवान की पार्टी से बंटवारे में कोई परेशानी उन्हें नहीं है।

15 से कम सीटें नीतीश को नामंजूर- बिहार भाजपा के नेता मान रहे हैं कि नीतीश कुमार 15 से कम सीटों पर मानने वाले नहीं है। तो वहीं बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी का कहना है कि सबके राजनीतिक कद के हिसाब से सीटों का बंटवारा जल्द ही होगा।