इमरान खान ने बढ़ाया हाथ, भारत ने साफ़ किया, आतंकवाद और बातचीत नहीं हो सकती साथ

भारत और पाकिस्तान के रिश्ते के बारे में किसी को कुछ बताने की ज़रूरत नहीं है। एक समय था जब ये दोनों देश एक हुआ करते थे। फिर दोनों देशों में धर्म के आधार पर बँटवारा हुआ। पाकिस्तान के मुस्लिम राष्ट्र बना और भारत एक सेक्यूलर राष्ट्र। भारत पर पाकिस्तान की शुरू से ही बुरी नज़र रही है। हर बार पाकिस्तान, भारत को चोट पहुँचाने के लिए कोई ना कोई क़दम उठाता ही रहता है। हालाँकि हर बार पाकिस्तान को हार का ही सामना करना पड़ा।

भारत-पाकिस्तान के विदेश मंत्रियों के बीच हो सकती है वार्ता:

पाकिस्तान में नेतृत्व परिवर्तन के साथ ही इमरान खान की सरकार बनने के बाद यह चर्चा तेज़ हो गयी थी कि भारत-पाकिस्तान के रिश्तों में सुधार के लिए बातचीत की जा सकती है। इमरान खान ने प्रधानमंत्री बनने के बाद अपने पहले ही भाषण में साफ़ किया था कि उसे अपने पड़ोसी देश भारत के साथ रिश्ते सुधारने होंगे। इमरान सरकार ने प्रस्ताव रखा है कि न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के आयोजन के दौरान भारत-पाकिस्तान के विदेश मंत्रियों के बीच बातचीत हो। हालाँकि भारत ने इसपर अपना रूख स्पष्ट करते हुए कहा कि, आतंक और वार्ता साथ-साथ नहीं हो सकती है।

इमरान खान ने लेटर मी लिखी थी वार्ता की बात:

बता दें इसकी सम्भावना को लीकर दोनों देशों के अधिकारियों के बीच चर्चा शुरू हो गयी है। दोनों देशों के बीच बातचीत की सम्भावना की चर्चा इमरान खान के पीएम मोदी को 14 सितम्बर को लिखे ख़त से शुरू हुई। इमरान खान ने पीएम मोदी को बधाई संदेशों के जवाब में एक लेटर लिखा था। बता दें इमरान खान के इस लेटर में ही यह प्रस्ताव दिया गया है की इस महीने के अंत में न्यूयॉर्क में आयोजित होने वाली संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान भारतीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद क़ुरैशी के बीच बातचीत हो।

जानकारी के अनुसार पाकिस्तानी पीएम इमरान खान ने यह प्रस्ताव भी रखा कि भारत जल्द से जल्द पाकिस्तान में सार्क सम्मेलन आयोजित कराने पर विचार करे। दोनो देशों के सूत्रों से पता चला है कि इस तरह की मुलाक़ात की सम्भावना को लेकर दोनों देशों की विदेश मंत्रालय के अधिकारियों से बातचीत चल रही है। सूत्रों के अनुसार इमरान खान ने कश्मीर सहित सभी उलझे हुए मामलों को हल करने का आह्वान किया है। जानकारी के लिए बता दें संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक न्यूयॉर्क में 25 सितम्बर से शुरू हो रही है, जो अगले 9 दिनों तक चलती रहेगी। इस दौरान सार्क देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक भी हो सकती है।

उच्च पदस्थ सूत्रों से पता चला है कि 27 सितम्बर को सार्क देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक से एक दिन पहले यह मुलाक़ात हो सकती है। पाकिस्तान के विदेश मंत्री डॉक्टर फैज़ल ने बुधवार को कहा कि, अभी इस बारे में कोई निर्णय नहीं हुआ है। हम इसकी कोशिश में लगे हुए हैं। वहीं सूत्रों ने एक समाचार चैनल से बातचीत करते हुए कहा कि, भारत का रूख यही है कि हम आतंकवाद और बातचीत साथ-साथ नहीं कर सकती हैं। इस बारे में अभी कुछ कहा नहीं जा सकता है कि यह वार्ता होगी या नहीं। लेकिन भारत की रूख एकदम साफ़ है।