आँगनवाड़ी कार्यकर्ता ने पीएम मोदी को बताई ऐसी कहानी, सुनकर पीएम मोदी हुए हैरान

नई दिल्ली: पीएम मोदी ने मंगलवार को वीडियो कॉनफ़्रेंसिंग के ज़रिए अच्छा काम करने वाली आँगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, आशा, एएनएम और मुख्य सेविकाओं से बात की। इस दौरान पीएम मोदी ने कार्यकर्ताओं की जमकर तारीफ़ भी की। उन्होंने कहा कि इस देश का प्रधानमंत्री कह सकता है कि उसके लाख हाथ हैं और वो सब आप हैं। पीएम मोदी ने आगे कहा कि सरकार का ध्यान पोषण और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ मुहैया करवाने पर है। देश में टीकाकरण की प्रक्रिया तेज़ी से चल रही है। इससे महिलाओं और बच्चों को बहुत मदद मिलेगी।

पहले नहीं थी इस तरह की कोई योजना:

उन्होंने आगे बताया कि अब तक 3 करोड़ से ज़्यादा बच्चों और 85 लाख से ज़्यादा महिलाओं का टीकाकरण किया जा चुका है। मोदी ने कहा कि पूर्वी देश की महिलाओं को यह पता है कि किस तरह से इंसेफेलाइटिस बीमारी बढ़ रही है। हमारी सरकार ने इससे निपटने के लिए कई मिशन शुरू किए हैं। पीएम मोदी ने अपनी बात में यह भी कहा कि इस देश की हर माँ के कंधे पर अपने बच्चे को मज़बूत करने का ज़िम्मा है। पोषण मतलब खानपान, टीकाकरण, स्वच्छता। उन्होंने कहा कि लोग इससे पहले भी इसके बारे में जानते थे, लेकिन तब ऐसी कोई योजना नहीं थी।

पीएम मोदी ने बताया कि बहुत कम संसाधनों वाले देश भी इस मामले में हमसे आगे निकल गए। बातचीत के दौरान ही झारखंड के सरायकेला के उर्माल की रहने वाली आँगनवाड़ी कार्यकरत मनीता देवी ने एक पीएम मोदी को एक घटना के बारे में बताया। मनीता ने बताया कि उर्माल में एक नवजात बच्चे को उसके घरवालों ने मृत मान लिया था। जब मनीता ने बच्चे को अपनी गोद में लिया तो बच्चे की धड़कन चल रही थी। इसके बाद मनीता ने जल्दी से एक पाइप की मदद से बच्चे के मुँह और नाक से पानी निकाला तो बच्चा रोने लगा। उसके बाद मनीता ने बच्चे को उसकी माँ को सौंपते हुए उसे दूध पिलाने के लिए कहा।

यह घटना सुनकर पीएम मोदी हैरान हो गए।ल मिशन इंद्रधनुष से देश में टीकाकरण को दूर-दराज़ इलाक़ों में भी बल मिला है। पीएम मोदी ने कहा कि वाक़ई आपने जीवन बचाने का काम किया है। उन्होंने कहा कि में देश के उन हज़ारों-लाखों डॉक्टरों का आभार व्यक्त करना चाहता हूँ, जिन्होंने, बिना फ़ीस लिए गर्भवती महिलाओं की जाँच कर रहे हैं। एनीमिया एक बहुत बड़ी समस्या है। देश में काफ़ी संख्या में महिलाएँ एनीमिया की बीमारी से पीड़ित हैं। यह बीमारी आयोडिन और आयरन जैसे ज़रूरी तत्वों की कमी से होती है।

दिया गया है होम बेस्ड चाइल्ड केयर नाम:

पीएम मोदी ने कार्यकर्ताओं से कहा कि अब आपको आयोडिन और आयरन युक्त डबल फोर्टिफ़ाइड नमक के इस्तेमाल के लिए लोगों को जागरूक करना पड़ेगा। ताकि एनीमिया जैसी बीमारियों को दूर किया जा सके। मोदी ने आगे कहा कि आपको भी यह जानकारी है कि होम बेस्ड न्यूबॉर्न केयर के माध्यम से आप हर साल देश के लगभग सवा करोड़ बच्चों की देखभाल कर रहे हैं। आपकी मेहनत से यह कार्यक्रम सफल हो रहा है। जिसकी वजह से इसको और विस्तार दिया गया है। अब इसको होम बेस्ड चाइल्ड केयर का नाम दिया गया है।

पीएम मोदी ने कार्यकर्ताओं से बात करते हुए कहा कि पहले जन्म के 42 दिन तक आशा वर्कर को 6 बार बच्चों के घर जाना होता था। अब 15 महीनों तक 11 बार बच्चे का हलचल जानना ज़रूरी है। उन्होंने कहा कि मुझे विश्वास है कि आपके स्नेह और अपनेपन से एक से एक बेहतरीन नागरिक आने वाले समय में इस देश को मिलेंगे। केवल बच्चे की नहीं बल्कि प्रसूता माता के स्वास्थ्य की भी आप सभी चिंता कर रही हैं। सरकार द्वारा जो सुरक्षित मातृत्व अभियान चलाय जा रहा है, उसे अधिक से अधिक लोगों तक आपको पहुँचाना है।