मोदी की आर्थिक सर्जिकल स्ट्राइकः पाकिस्तान को फिर झटका, अब भूखे मरेंगे आतंकी

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अप्रत्याशित आर्थिक सर्जिकल स्ट्राइक से पाकिस्तान को एक और तगड़ा झटका लगा है। आतंक को पालने-पोसने के लिए पाकिस्तान से भारत भेजे गये लगभग 30 मिलियन रुपये के नोट रद्दी हो गये हैं। ऐसे में देश में सक्रिय आतंकी और आईएसआई के स्लीपर सेल्स के सामने अब भूखों मरने की नौबत आ सकती है। Surgical strike on black Money. 

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मोदी की आर्थिक सर्जिकल स्ट्राइक से कश्मीर में सक्रिय आतंकी अधिक प्रभावित होंगे। पाकिस्तान से हवाला के जरिए आतंकियों को अब पैसा नहीं मिलना बंद हो जायेगा।  

Surgical strike on black Money

 

काले धन पर पीएम मोदी की सर्जीकल स्ट्राइक (Surgical strike on black Money) –

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा देर शाम देश में 500 व 1000 रुपए के करंसी नोटों पर बैन लगा देने से काले धन पर सर्जीकल स्ट्राइक की गई है। इस फैसले की सराहना करते हुए केंद्रीय मंत्रियों ने इसे भ्रष्टाचार और काले धन पर सर्जिकल स्ट्राइक करारा दिया है।  

सूचना एवं प्रसारण मंत्री एम वेंकैया नायडू ने ट्वीट किया, भ्रष्टाचार और कालेधन पर नरेंद्र मोदी जी की सर्जिकल स्ट्राइक। भ्रष्टाचार के खिलाफ भारत की लड़ाई में साथ दें।

मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि यह आम आदमी के लिए वास्तविक आजादी है। संस्कृति मंत्री महेश शर्मा ने ट्वीट किया, भ्रष्टाचार, कालेधन और आतंकवाद से लड़ने के लिए ऐतिहासिक कदम।’

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के ट्वीट को री-ट्वीट कर दिया जिसमें ममता ने केंद्र के फैसले को कठोर कहा था।

पीएम की कड़वी दवा से आंएगे अच्छे दिन –

वरिष्ठ अर्थशास्त्रियों ने पीएम द्वारा 500 और 1000 के करंसी नोटों पर बैन लगाने को कड़वी दवा वाला कदम बताया है। शुरू के 3-4 महीनों में तो यह दवा लोगों को काफी कड़वी लगेगी, परन्तु इसके कुछ समय बाग इसके अच्छे नतीजे सामने आएंगे। इस कदम से आने वाले समय में काले धन पर रोक लगने के साथ-साथ जमाखोरी पर भी रोक लगेगी।

साथ ही उनका यह भी कहना है कि सरकार को यह कदम उठाने से पहले छोटी करंसी का पर्याप्त संख्या में प्रबंध करवाना चाहिए था ताकि लोगों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि देश में सारा काम एक नम्बर में हो। बैंकिंग प्रणाली का लोग अधिक से अधिक इस्तेमाल करें।  

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