अटल जी की अस्थि विसर्जन की तस्वीर में दिखा ‘कटा हाथ’, देखकर लोगों में फैल गई सनसनी

हाल ही में भारत के पूर्व प्रधानमंत्री और बीजेपी के आला नेता अटल बिहारी वाजपेयी इस दुनिया को अलविदा कह गए. बता दें, 93 साल की उम्र में अटलजी ने अपनी आखिरी सांस ली. अटलजी की तबियत काफी समय से नाजुक चल रही थी. कुछ महीने पहले (11 जून) को उन्हें एम्स में यूरिन इन्फेक्शन के कारण भर्ती किया गया था. पिछले 9 सालों से अटल जी बीमार चल रहे थे और इस दौरान उन्हें कई तरह के इन्फेक्शन ने अपनी चपेट में लिया था.

बीजेपी सांसद मनोज तिवारी ने हाल ही में अटल जी की अस्थि विसर्जन की कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर की है और तबसे एक तस्वीर अजीबोगरीब कारण की वजह से वायरल हो गयी है. इस तस्वीर को देखकर लोग पूछ रहे हैं कि आखिर ये क्या है. बता दें, 28 अगस्त के दिन मनोज तिवारी ने अटल जी की अस्थियों को दिल्ली की यमुना नदी में विसर्जित किया था. उस दौरान खींची गयी कुछ तस्वीरें उन्होंने ट्विटर पर शेयर की. शेयर की गयी तस्वीरों में सब कुछ ठीक था लेकिन चौथी तस्वीर देखकर हर कोई आश्चर्यचकित रह गया. आखिर ऐसा क्या था इस तस्वीर में चलिए आपको बताते हैं.

दरअसल, मनोज तिवारी ने अस्थि विसर्जन की 4 तस्वीरें शेयर की हैं. शुरुआत की तीनों तस्वीरें तो नार्मल है लेकिन चौथी तस्वीर में विसर्जन के दौरान नाव के नीचे एक हाथ दिखाई दे रहा है जबकि बाकी तस्वीरों में ऐसा कुछ नहीं है. ऐसे में लोग हैरान हैं और सवाल कर रहे हैं कि नाव के नीचे से निकलने वाला ये हाथ किसका है. मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो खुद मनोज तिवारी भी इस तस्वीर को देखकर अचंभित हैं और उन्होंने कहा है कि, “दैवीय शक्तियों में मेरी आस्था है और ये फोटो इशारा करता है कि हमें यमुना को स्वच्छ रखना चाहिए”.

मनोज तिवारी का ट्वीट

अस्थि विसर्जन की फोटो शेयर करते हुए मनोज तिवारी ने ट्वीट लिखा कि, “आज नम आंखों से श्रद्धेय अटल जी की अस्थियां यमुना जी के पवित्र जल में विसर्जित की गई. अटल बिहारी घाट कहलाएगा ये ऐतिहासिक यमुना तट.”

बता दें, साल 2009 में अटलजी की तबियत काफी ज्यादा बिगड़ गयी थी. उन्हें सांस लेने में तकलीफ हो रही थी जिस वजह से कई दिनों तक उन्हें वेंटीलेटर पर रखा गया था. हालांकि, ठीक होने के बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी मिल गयी थी. इसके बाद खबरें आई कि अटलजी लकवे के शिकार हो गए हैं. इस वजह से उन्होंने बोलना छोड़ दिया था. बाद में स्मृति लेप होने के कारण उनकी याद्दाश्त भी कमजोर हो गयी. उन्होंने लोगों को पहचानना बंद कर दिया था. 11 जून को उन्हें लोअर रेस्पिरेटरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन और किडनी सबंधित दिक्कतों के बाद एम्स में एडमिट किया गया था, जिसके बाद 16 अगस्त को शाम 5 बजकर 5 मिनट पर वह चल बसे. जानकारी के लिए बता दें, अटल बिहारी वाजपेयी एकमात्र ऐसे नेता थे जिन्होंने प्रधानमंत्री के रूप में तीन बार देश का नेतृत्व किया है.