यह भारतीय सैनिक अकेले पाकिस्तान जाना चाहता है, पाकिस्तान ने किया है भाई को अगवा

भारत पाकिस्तान के बीच इस समय कैसा रिश्ता चल रहा है पूरा देश इस बात को जनता है। दोनों देशों के बीच इस समय तनाव का माहौल बना हुआ है। ऐसे में एक चौकाने वाली खबर सामने आयी है। भाई भूषण बाबूलाल चव्हाण अपने भाई चंदू बाबूलाल चव्हाण से मिलना चाहता है जो पाकिस्तानी सेना के कब्जे में है। भूषण मराठा बटालियन का जवान है और उसका भाई भी सेना में था, जो इस समय पाकिस्तानी सेना के कब्जे में हैं। भूषण ने कहा कि वह अपने भाई चंदू से अकेले पाकिस्तान जाकर मिलना चाहता हैं।

चंदू गलती से चला गया था पाकिस्तान:

दरअसल, चंदू 37 राष्ट्रीय रायफल का जवान है जो गलती से 29 सितंबर को मेंढर सेक्टर में सीमा पार कर पाकिस्तान चला गया था। यह भारत द्वारा पाकिस्तान के POK में सर्जिकल स्ट्राइक के कुछ देर बाद की थी। पहले तो पाकिस्तान इस बात से इनकार करता रहा कि चंदू उसके पास है, लेकिन बाद में पाकिस्तान ने यह स्वीकार किया कि चंदू उसके पास ही है।

चंदू जीवित है या नहीं:

भूषण ने कहा कि उसकी गलती की वजह से उसका भाई चंदू गलती से सीमा पार करके पाकिस्तान चला गया था। पाकिस्तान को उसे 20 दिन बाद ही भारत भेज देना चाहिए था, लेकिन आज 35 दिन गुजरने के बाद भी पाकिस्तान ने उसे भारत को नहीं सौंपा है। हमें अपने भाई चंदू की बहुत चिंता हो रही है। हम केवल यह बात जानना चाहते हैं, कि चंदू जीवित भी है या नहीं। भूषण ने बताया कि सरकार ने कुछ सुरक्षा कारणों से पाकिस्तान जाने की उनकी अर्जी को खारिज कर दीया है।

मांगी थी रक्षामंत्री मनोहर पार्रिकर से मदद:

भूषण ने इसी सिलसिले में 13 अक्टूबर को रक्षा राज्यमंत्री सुभाष भामरे के साथ ही केन्द्रीय रक्षा मंत्री मनोहर पार्रिकर से मुलाकात की थी। मुलाकात के दौरान रक्षामंत्री मनोहर पार्रिकर से भूषण ने अपने भाई चंदू से मिलने के लिए अकेले पाकिस्तान जाने की बात कही थी। भूषण ने बताया कि मैंने रक्षामंत्री मनोहर पार्रिकर से अपने वीजा और पासपोर्ट में मदद करने के लिए कहा था। मैं एक साधारण नागरिक की तरह अकेले पाकिस्तान जाने के लिए तैयार हूँ। मुझे इस बात की उम्मीद है कि ऐसा करने से मैं कम से कम एक बार अपने भाई चंदू से मिल सकूंगा।

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