इन तीन चीज़ों का दान करने से मिलती है सभी पापों से मुक्ति एवं वैकुण्ठ की प्राप्ति

हिंदू धर्म में देवी-देवताओं की पूजा को ख़ास महत्व दिया गया है। लेकिन कर्म को भी महत्व दिया गया है। हिंदू धर्म की मान्यता के अनुसार व्यक्ति को उसके कर्मों का फल भुगतना ही पड़ता है। व्यक्ति को उसके अच्छे या बुरे कर्मों का फल अगले जन्म में या कहीं और नहीं बल्कि इसी पृथ्वी पर भुगतना पड़ता है। अक्सर आपने लोगों को यह कहते हुए सुना होगा कि अच्छे कर्म करो वार्न भगवान का श्राप लगेगा तुम्हें। भगवान जिसके ऊपर मेहरबान होते हैं, उसका जीवन बन जाता है, वहीं जिससे नाराज़ हो जाते हैं, उसके जीवन में परेशनियाँ ही परेशनियाँ आ जाती हैं।

धर्म के अनुसार व्यक्ति को हमेशा अच्छे कर्म करने चाहिए और हर किसी का भला करना चाहिए। कई लोग होते हैं जान केवल अपने बारे में ही सोचते हैं। जबकि एक इंसान का कर्तव्य होता है कि वह अपने बारे में सोचने के साथ-साथ अपने आस-पास के लोगों और समाज के ग़रीब लोगों का भी ख़याल रखें। जिसके पास पैसा हो और अन्य चीज़ें हों, उन्हें जरूरतमंदों को इसका दान करना चाहिए। दान करने से ईश्वर का आशीर्वाद प्राप्त होता है। लेकिन आजकल यह बहुत कम देखने को मिल रहा है।

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार बृहस्पति को देवताओं का गुरु माना गया है। गुरु की उपासना करने से व्यक्ति को ज्ञान, सौभाग्य, और सुख की प्राप्ति होती है। ज्ञान एक ऐसी चीज़ होती है जो हर किसी के लिए महत्वपूर्ण होती है। अगर अपने ज्ञान को ख़ुद तक ही सीमित रखा जाए तो उससे सिर्फ़ एक व्यक्ति का कल्याण होता है, जबकि अगर उसका दान किया जाए तो सैकड़ों-हज़ारों लोगों का कल्याण हो जाता है। बृहस्पति स्मृति में तीन ऐसी चीज़ों के बारे में बताया गया है, जिसका दान, महादान माना जाता है। गाय, विद्या और भूमि का दान करने से व्यक्ति को सभी पापों से मुक्ति मिलती है और उसे वैकुण्ठ की भी प्राप्ति होती है।

श्लोक:

त्रीणयाहूरतिदानानि गावः पृथ्वी सरस्वती।
तारयन्ति हि दातारं सर्वपापादसंशयम।।

अर्थ:

गाय, विद्या, भूमि का दान करने से सभी पापों से मुक्ति मिल जाती है।

करें इन तीन चीज़ों का दान:

*- गाय:

हिंदू धर्म में गाय का क्या महत्व है, इसके बारे में किसी को कुछ बताने की ज़रूरत नहीं है। गाय को माँ का दर्जा दिया गया है। गाय का दान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है। जो लोग गाय का दान करते हैं उन्हें जीवन के सभी पापों से मुक्ति तो मिल ही जाती है साथ भाग्य का उदय भी होता है।

*- ज्ञान:

कई बार कुछ लोगों को आपने देखा होगा कि वो बहुत ग़रीब होते हैं और उनके पास कुछ नहीं होता है, लेकिन उनके पास अथाह ज्ञान होता है। ऐसे लोगों को अपने ज्ञान का दान करना चाहिए। विद्या का दान करके भी पुण्य कमाया जा सकता है। अज्ञानी लोगों को ज्ञान, धर्म और विद्या की बातें बताने से भगवान की कृपा मिलती है।

*- भूमि:

किसी जरूरतमंद व्यक्ति या किसी अच्छे काम यानी समाज की भलाई के काम के लिए भूमि का दान करना बहुत पुण्य का काम माना जाता है। इससे वैभव की प्राप्ति होती है और सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है।

शास्त्रों के अनुसार बृहस्पति देव यानी गुरु की उपासना करने से व्यक्ति को ज्ञान, सौभाग्य और सुख की प्राप्ति होती है। ज्योतिषशास्त्र के अनुसार कुंडली में गुरु ग्रह को भाग्य का कारक माना गया है। गुरु को सभी ग्रहों का गुरु माना जाता है। इसी वजह से यह सभी अन्य ग्रहों से शुभ हैं।

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