ट्रंप और किम की मुलाकात से विवाद सुलझने पर भारत को होगा फायदा , जानिए पूरी खबर

इन दोनों देशों के बिच तनाव के कारण से अमेरिका सहित दुनिया के कई देशों ने उत्तर कोरिया पर कई प्रकार के आर्थिक प्रतिबंध लगा रखे हैं परंतु ट्रंप और किम के बीच आज हुई मुलाकात के पश्चात ऐसी उम्मीद जगी है कि भविष्य में उत्तर कोरिया के ऊपर लगे प्रतिबंधों में ढील आने की संभावना है अगर इस प्रकार हुआ तो इससे भारत को बड़ा मुनाफा प्राप्त हो सकता है।

उत्तर कोरिया के तानाशाह कहे जाने वाले किम जोंग और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की इस मुलाकात से यदि इन दोनों देशों के बीच विवाद समाप्त हो जाता है तो इसका लाभ भारत को भी मिलने की संभावना है इस समय के दौरान दोनों देशों के बीच तनाव के कारण अमेरिका सहित दुनिया के कई देशों ने उत्तर कोरिया पर कई तरह के आर्थिक प्रतिबंध लगा रखे हैं परंतु ट्रंप और किम जोंग के बीच आज हुई मुलाकात के पश्चात ऐसी उम्मीद की जा रही है कि आने वाले समय में उत्तर कोरिया के ऊपर लगे प्रतिबंधों में ढील आने की संभावना है अगर ऐसा हो गया तो इससे भारत को बहुत बड़ा फायदा प्राप्त हो सकता है।

खबरों के अनुसार ऐसा बताया जा रहा है कि बैठक के पश्चात अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने बयान में यह कहा है कि किम जोंग के साथ उनकी मुलाकात किसी की भी उम्मीद से काफी बेहतर रही है बैठक के पश्चात अब दोनों नेता कुछ दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कर सकते हैं।

उत्तर कोरिया पर अभी तक लगे प्रतिबंधों की वजह से यह अपनी जरूरत को पूरा करने के लिए चीन से सामान आयात करते हैं और कई बार रूस भी उनकी सहायता करता है इस पर लगे प्रतिबंधों के बावजूद भारत से भी उत्तर कोरिया को थोड़ा बहुत सामान निर्यात होता है परंतु इसकी मात्रा बहुत ही कम होती है ऐसी स्थिति में कोरिया और अमेरिका के बीच अगर विवाद समाप्त हो जाता है तो भारत से उत्तर कोरिया को निर्यात होने वाली वस्तुओं में इजाफा होने की संभावना है अभी तक भारत से उत्तर कोरिया साल भर में कुछ करोड़ रुपए का सामान आयात करता है।

वाणिज्य मंत्रालय की संस्था एपीडा के दायरे में आने वाले उत्पादों के निर्यात की बात की जाए तो मार्च में समाप्त हुए वित्तवर्ष 2017-18 के दौरान उत्तर कोरिया ने भारत से सिर्फ 12.83 करोड रुपए के उत्पादों का आयात किया है 2016-17 में यह आंकड़ा 5.73 करोड़ 2015-16 में 7.31 करोड और 2014-15 में 21.31 करोड रुपए का था हालांकि 2013-14 में यह आंकड़ा 32.72 करोड और 2012-13 में 113 करोड रुपए से अधिक था यदि उत्तर कोरिया के साथ अमेरिका के रिश्ते में सुधार हो जाता है तो भारत और कोरिया के बीच व्यापार में वृद्धि हो सकती है।

आपकी जानकारी के लिए बता दे कि भारत से उत्तर कोरिया अभी तक जो भी आयात करता रहा है उसमें गेहूं व चावल प्रमुख तौर पर रहे है अगर आने वाले समय में कोरिया के साथ अमेरिका के रिश्तों में सुधार आ जाते हैं तो इससे दुनिया के दूसरे देशों के रिश्तो में भी सुधार आएगा जो वैश्विक व्यापार के लिए बहुत ही अच्छी डील साबित होगी।

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