PoK में पाकिस्तान के खिलाफ सड़कों पर उतरे लोग, बोले – हमें पाक से आजादी चाहिए

नई दिल्लीः आतंकवाद को पनाह देने के मुद्दे पर दुनिया भर में आलोचना झेल रहे पाकिस्तान के खिलाफ अब पीओके (पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर) में विरोध तेज होता जा रहा है। पीओके में ब्लैक डे पर पाकिस्तान से आजादी की मांग को लेकर खुलकर विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। इस विरोध प्रदर्शन को रोकने के लिए पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को बेरहमी से खदेड़कर लाठी बरसाई। विरोध प्रदर्शन में प्रदर्शनकारी पाकिस्तान से स्वतंत्रता की मांग करते हुए कश्मीर से सेना हटाने की बात कह रहे हैं। इसके अलावा प्रदर्शनकारी लगातार नवाज शरीफ और राहिल शरीफ पर निशाना भी साध रहे हैं।  Protesters organize silence black day protests pok.

नवाज शरीफ पर है राहील शरीफ का साया –

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प्रदर्शनकारियों ने सिंध में 93 मदरसों का आतंकी संगठनों से सीधा संबंध है इसी पर सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कहा, ‘पाकिस्तान अपने आप को तो संभाल नहीं पा रहा, नवाज शरीफ दुनिया के जिस कोने में जाते हैं, राहील शरीफ का साया साथ होता है।’ प्रदर्शनकारियों के विरोध-प्रदर्शन को दबाने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों को बुरी तरह से पीटा गया।

 

आज है पाक अधिकृत कश्मीर का ‘काला दिवस’ (ब्लैक डे) –

Protesters organize silence black day protests pok

दरअसल, पाक अधिकृत कश्मीर में 22 अक्टूबर को ‘काला दिवस’ (ब्लैक डे) मनाया जाता है। क्योंकि इसी दिन 1947 में पाकिस्तानी आर्मी आदिवासियों के रूप में आए और जम्मू कश्मीर के अविभाजित राज्य पर हमला कर दिया था।

वर्ष 1947 में विभाजन के कुछ माह बाद ही पाकिस्तानी फोर्सेज ने आदिवासियों का वेश धर जम्मू कश्मीर के रियासत पर हमला कर दिया और वहां लूट मार मचाते हुए निर्दोषों की हत्या कर दी। नरसंहार कर जम्मू कश्मीर का नक्शा बदलने के उद्देश्य से ‘कबायली’ नामक ये आदिवासी पाकिस्तान द्वारा नियोजित किए गए थे। निर्दोष कश्मीरियों पर पाकिस्तानी पठानों ने हमला कर दिया था। हजारों लोगों की जान चली गयी महिलाओं की इज्जत लूटी गयी, युवतियों का अपहरण किया गया जिनका अभी तक कोई पता नहीं चला। इसी बात पर प्रदर्शन कर पीओके के लोग कश्मीर से पाकिस्तानी आर्मी को तुरंत हटाए जाने की मांग कर रहे हैं।

गौर हो की इससे पहले भी 14 अगस्त को गिलगित-बाल्तिस्तान और बलूचिस्तान में पाकिस्तान सरकार और सेना का विरोध हुआ था। हजारों युवाओं ने प्रदर्शन किए, पाक सेना के लिए ‘गो बैक’ के नारे लगाए।