मुख्य समाचार

कठुआ गैंगरेप: पीड़िता के पिता ने किया सीबीआई जांच से इंकार और पुलिस के बारे में कही ऐसी बात कि..

नई दिल्ली: देश में वैसे तो हर दिन सैकड़ों रेप की घटनाएँ होती हैं जो किसी की आत्मा को भी छलनी कर देती हैं। अगर रेप को इस दुनिया का सबसे घिनौना अपराध कहा जाये तो यह गलत नहीं होगा। बलात्कार के बारे में ज्यादातर लोगों का यही कहना है कि बलात्कार करने वाले को दुनिया की सबसे कठोर से कठोर सजा देनी चाहिए। हाल ही में कठुआ गैंगरेप की घटना ने पूरे देश को हैरानी में डाल दिया। केवल भारत में भी नहीं बल्कि पूरी दुनिया में भारत के इस गैंगरेप की चर्चा होने लगी है।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कठुआ गैंगरेप केस में पीड़ित परिवार न्याय पाने के लिए सुप्रीम कोर्ट पहुँच चुका है। केवल यही नहीं पीड़िता के पिता ने इस केस में सीबीआई जांच करवाने से भी इनकार कर दिया है। जानकारी के अनुसार सोमवार को पीड़ित परिवार ने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि उन्हें इस मामले में सीबीआई जांच नहीं चाहिए, उन्हें पुलिस के ऊपर पूरा भरोसा है। लेकिन पीड़ित परिवार ने इस केस की सुनवाई जम्मू-कश्मीर के बाहर कराने की मांग की है।

पीड़िता के परिवार की इस याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने स्वीकार कर लिया है और इसपर सुनवाई 27 अप्रैल को होनी है। पीड़ित परिवार के वकील ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में कहा कि उन्हें पुलिस की जांच पर पूरा भरोसा है। वो इस घटना की सीबीआई जांच नहीं करवाना चाहते हैं। पीड़ित परिवार की याचिका में कहा गया है की पुलिस ने इस मामले में अब तक बहुत अच्छा काम किया है। हमें पुलिस की जांच पर पूरा यकीन है। इसके साथ ही पीड़ित परिवार ने सुप्रीम कोर्ट से सुरक्षा प्रदान करवाने की मांग की है।

इस मांग के बाद सुप्रीम कोर्ट ने जम्मू-कश्मीर सरकार को यह आदेश दिया है कि वो पीड़ित परिवार और उनके वकील को सुरक्षा प्रदान करवाएं। दूसरी तरफ सीजेएम कोर्ट में सोमवार को इस मामले से जुड़े सभी आरोपियों की पेशी हुई। लेकिन कोर्ट ने सुनवाई के पहले ही दिन इस केस की अगली तारीख दे दी। सुनवाई के बाद अभियुक्तों के वकील अंकुर शर्मा ने कहा कि, न्यायालय ने निर्देश दिया है कि सभी आरोपियों को चार्जशीट की कॉपी दी जाये। हम सब नार्को टेस्ट के लिए तैयार हैं। अब इस मामले में अगली सुनवाई 28 अप्रैल को होगी।

आपको बता दें इससे पहले कठुआ मामले में जम्मू-कश्मीर के वकीलों की संलिप्तता को लेकर सुप्रीम कोर्ट के बाहर वकीलों ने जमकर प्रदर्शन भी किया। दूसरी तरफ बार काउंसिल ने कहा कि जांच में दोषी पाए जाने वाले वकीलों के लाइसेंस रद्द कर दिए जायेंगे। इस मामले की जांच के लिए बार काउंसिल ने 5 लोगों की एक जांच टीम भी बनाई है। इसके साथ ही वकीलों से अपनी हड़ताल को ख़त्म करने के लिए भी कहा गया है। अब अगली सुनवाई के दौरान ही पता चल पायेगा कि इस मामले में क्या होता है।

Related Articles

Close