विशेष

कठुआः मासूम बच्ची से 7 दिनों तक क्या-क्या हुआ? पढ़िए दिल दहला देने वाली घटना की पूरी कहानी

जम्मू/कश्मीर – कश्मीर के कठुआ में 8 साल की बच्ची से हुए गैंगरेप और हत्या का मामला इन दिनों सुर्खियों में है। कठुआ गैंगरेप केस को लेकर पूरे देश में दहशत और गुस्से का माहौल है। इस मामले में तीन महीने बाद चार्जशीट दाखिल की गई है और 8 लोगों को आरोपी बनाया गया है। चार्जशीट के मुताबिक इस दिल दहला देने वाली घटना का मास्टरमाइंड मंदिर का पुजारी संजी राम है। कठुआ गैंगरेप केस इस दर्दनाक और भयानक है कि इसे पूरी तरह से बयां करना नामूमकिन है। दरअसल, यह एक सोची समझी साजिश है जिसका निशाना बकरवाल समुदाय बना।

क्या है कठुआ गैंगरेप केस की सच्चाई?

अगर आप अभी तक ये मान रहे हैं कि कठुआ गैंगरेप केस भी देश के अन्य रेप या गैंगरेप की तरह है, तो आप गलत हैं। कठुआ गैंगरेप केस का उद्देश्य कठुआ से बकरवाल समुदाय को भगाना और मुस्लिमों के प्रति नफरत है। आपको बता दें कि कठुआ में 10 जनवरी को 8 साल की बच्ची लापता हो गई थी। इसके बाद 17 जनवरी को मासूम की लाश क्षत-विक्षत हालत में जंगल में मिली यह केस शायद निर्भया केस से भी बदत्तर था। बच्ची की लाश मिलने के बाद मुफ्ती सरकार ने 23 जनवरी को मामला जम्मू कश्मीर क्राइम ब्रांच को सौंपा और 9 अप्रैल को 8 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट पेश की।

मंदिर में 7 दिनों तक 8 लोग करते रहे मासूम के साथ गैंगरेप

पुलिस द्वारा सौंपी गई चार्जशीट के मुताबिक, देश को हिला कर रख देने वाले इस गैंगरेप का मास्टरमाइंड मंदिर का पुजारी संजी राम है। यह एक सोची समझी साजिश के तहत अंजाम दिया गया। जांच में ये बात साफ हो चुकी है कि संजी राम कठुआ से बकरवाल समुदाय को हटाना चाहता था। इसलिए उसने इस दिल दहला देने वाले गैंगरेप को अंजाम दिया।

यह घटना कितनी दर्दनाक है इसका अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि संजी राम ने अपने नाबालिग भतीजे के अलावा 6 और लोगों के सात मिलकर बच्ची को जंगल से किडनैप किया। फिर ‘देवस्थान’ नाम के मंदिर में उसके साथ इन सभी ने 7 दिनों तक गैंगरेप किया। बच्ची चीखें न इसके लिए उसे 7 दिनों तक हाई डोज की ‘क्लोनाजेपम’ नाम की नशीली दवा दी गयी थी।

क्या है कठुआ गैंगरेप केस के अंदर की कहानी?

पुलिस जांच के मुताबिक, संजी राम ने बकरवाल समुदाय को कठुआ से भगाने के लिए अपने नाबालिग भतीजे और 7 लोगों को अपनी इस शामिल किया। यह नाबालिग भतीजा मासूम बच्ची को पहले से ही जानती थी। वह 10 जनवरी को नाबालिग बच्ची को लेकर जंगल में गया। जहां से बाकी आरोपियों ने बच्ची को किडनैप कर लिया। नशीली दवा देकर बच्ची का साथ देवस्थान नाम के मंदिर में सात दिनों तक रेप होता रहा।

पुलिस के मुताबिक, रेप करने से पहले इन लोगों ने देवस्थान में पूजा अर्चना की। चार्जशीट के मुताबिक, बच्ची को मारने से पहले आरोपी पुलिस अधिकारी दीपक खजुरिया ने कहा – रुको, एक बार में फिर से रेप करना कर लूं, फिर मारना। इसके बाद बच्ची को गला घोंटकर मार दिया गया। इस केस में एक आरोपी को मेरठ से भी बुलाया गया था।

Related Articles

Close