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आनलाइन खबरों पर नकेल कसने के लिए सूचना प्रसारण मंत्रालय ने कसी कमर, जल्द आएगा फैसला

फेक न्यूज मामले सफल नहीं होने पर अब सूचना प्रसारण मंत्रालय ने आनलाइन खबरों पर नकेल कसने के लिए कमर कस ली है। जी हां, मंत्रालय ने इसके लिए बैठक भी बुलाई है, साथ ही इस पर काम करने वाली टीम का भी चयन किया जाएगा, जिसके तहत आनलाइन मीडिया पर लगाम कसने की कोशिश की जाएगी। माना जा रहा है कि आनलाइन मीडिया की वजह से फेक न्यूज ज्यादा चल रहा है, ऐसे में पत्रकारों की मान्यता रद्द करने में नाकाम रही स्मृति ईरानी अब आनलाइन मीडिया को लेकर कड़े नियम बनाएंगी। आइये जानते हैं कि हमारे इस रिपोर्ट में क्या खास है?

जी हां, फेक न्यूज को लेकर स्मृति ईरानी को पीएम मोदी से झटका लगा था, जिसके बाद सरकार की आलोचना जारी थी, ऐसे में अब मंत्रालय ने एक नया फरमान जारी करने की कोशिश में है। बता दें कि मंत्रालय ने इसके पीछे दलील दी है कि प्रिंट और इलैक्ट्रानिक मीडिया को लेकर कुछ नियम कानून है, लेकिन आनलाइन के लिए कोई भी नियम नहीं है, ऐसे में उसके लिए भी नियम बनाने चाहिए, जिस पर फैसला उनकी बैठक में लिया जाएगा।

इस बैठक में कई मीडिया घरानों के कई दिग्गज भी शामिल रहेंगे, जोकि यह तय करेंगे कि आनलाइन खबरों के लिए क्या क्या नियम बनाने चाहिए। बताते चलें कि इसके तहत आनलाइन मीडिया में मनोरंज से लेकर हर तरह की कटेंट पर नजर रखा जाएगा, इसके तहत अफवाहों को भी रोकने के लिए नियम बनाए जाएंगे ताकि फेक न्यूज से सोशल मीडिया पर पड़ने वाला प्रभाव कम हो सके। ऐसे में देखना होगा कि सरकार इसको लेकर कब नये नियमों का फरमान जारी करेगी, ये तो वक्त ही बताएगा।

मंत्रालय की तरफ से जारी आदेश में कहा गया है कि कमेटी ऑनलाइन मीडिया/ न्यूज पोर्टल और ऑनलाइन विषय वस्तु मंचों के लिए उपयुक्त नीति बनाने की सिफारिश करेगी। मतलब साफ है कि सरकार आनलाइन न्यूज पोर्टल की बढ़ती विश्वसनीयता को देखते हुए इस तरह की कदम उठा रही है, ताकि किसी भी तरह के अफवाहों  को रोका जा सके। साथ ही इसके तहत फर्जी वेबसाइट्स पर भी रोक लगाने की बात हो सकती है। बता दें कि इसके तहत फेसबुक और ट्विटर की सभी खबरे भी आ सकती हैं। पीएम मोदी द्वारा उस आदेश को पलटने के बाद अब स्मृति ईरानी आनलाइन खबरों पर लगाम लगाने की बात कर रही है।

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