गर्दन कटने के बाद भी हफ्ते भर से जिंदा है ये मुर्गा, कहलाया ‘ट्रू वॉर्यिर’

कहते हैं जीने का जज्बा हो तो हर मुश्किल का हल निकल जाता है और जिंदगी आसान लगने लगती है। सोशल मीडिया पर इन दिनों जीवटता की ऐसी ही कहानी वायरल हो रही है पर ये कहानी किसी इंसान की नहीं बल्कि एक मुर्गे की है। अब आप सोच सकते हैं कि ऐसा क्या खास हो सकता है एक मुर्गे में जो कि सुर्खियों में आ रहा है। दरअसल इसकी वजह बेहद चौंकाने वाली है क्योंकि ये मुर्गा बिना गर्दन के जी रहा है.. जी हां, इसमें इतनी जीवटता है कि गर्दन कट जाने के बाद भी ये हफ्ते भर से जिंदा है और इसी हिम्मत और जीने की जिद के लिए इस मुर्गे को ‘ट्रू वॉर्यिर’ नाम दिया गया है। चलिए जानते हैं आखिर ऐसा हुआ कैस..

दरअसल ये मुर्गा लोगों को थाईलैंड के रचाबुरी में मिला और ऐसी जानकारी सामने आ रही है कि वहीं एक  हमले में इस मुर्गे की गर्दन कट गई थी, पर फिर भी ये जीवित घूम रहा था। ऐसे में किसी को ये उम्मीद नहीं थी कि गर्दन कटने के बाद यह मुर्गा चंद घंटे भी जीवित बचेगा, लेकिन यह हफ्ते भर से जिंदा है। दरअसल एक वेटेनरी डॉक्टर ने इसे देखा और इसका इलाज किया जिसके बाद ये मुर्गा स्वस्थ है और हफ्ते भर से ज्यादा दिनों से जिंदा है।

गर्दन कटने के बाद भी कैसे रहा जिंदा ?

वैस इस मुर्गे को देख हर कोई यही यही सोच रहा है कि आखिर गर्दन न होने के बावजूद ये जिंदा कैसे है ? तो आपको बता दे कि इसके पीछे की वजह है मुर्गे की शारीरिक रचना। असल में मुर्गे का दिमाग उसके सिर में नीचे की तरफ होता है और सांस लेने का काम भी सिर के पिछले वाले भाग से नियंत्रित होते हैं। इस तरह अगर मुर्गे के सिर का अगला भाग कट भी जाए तो वह काफी दिन तक जीवित रह सकते हैं.. यही हाल इस मुर्गे का भी है।

बौद्ध भिक्षु कर रहे हैं देखरेख

वैस अब ये थाईलैंड के बौद्ध मठ रह रहा है.. दरअसल यहां के एक बौद्ध मठ के भिक्षुओं को जब इस मुर्गे के बारे में पता चला तो उन्होंने इसे अपने यहां रख लिया और अब इसे सिरिंज की मदद से खाना दिया जा रहा है। वैसे अभी भी इस मुर्गे की जान से खतरा टला नहीं है। क्योंकि गर्दन कटने की वजह से उसकी जुबान धीरे-धीरे सूख रही है।ऐसे में इसके अधिक दिन तक जीवित बचे रहने की उम्मीद नहीं की जा सकती है। वैसे इसका इतने दिनों तक जीना भी अपने आप में बड़ी बात है और यही वजह है कि ये मुर्गा खबरों में आ चका है। सोशल मीडिया पर सिर कटा हुआ ये मुर्गा जिज्ञासा का विषय बना हुआ है।

पहले भी हो चुका है ऐसा

हालांकि यह कोई पहला मामला नहीं है, जब कोई मुर्गा ऐसे जिंदा बचा हो। दरअसल 70 साल पहले भी अमेरिका के उटाह शहर में एक गर्दन कटा हुआ मुर्गा सुर्खियों में आया था और हैरत की बात ये रही कि गर्दन कटने के बाद भी ये मुर्गा डेढ़ साल तक जीवित रहा। ऐसे में इस मुर्गे को ‘मिरेकल माइकल’ नाम दिया गया था।