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धरती पर गिरने वाला है 8000 किलो वजनी आग का गोला…मच जाएगी चारो-ओर मौत की तबाही

नई दिल्ली – वैसे तो चीनी हमेशा से ही दुनिया को बर्बाद करने के लिए बेहद ताकतवर हथियार बनाते रहा है। लेकिन, अब अंजाने में ही सही वो दुनिया को तबाह करने का जिम्मेदार बनने जा रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक चीनी स्पेस Tiangong-1 स्टेशन जल्द ही से धरती पर गिरने वाला है। जी हां, धरती पर 8000 किलो का स्पेस स्टेशन गिरने वाला है। इस 8000 किलो वजनी स्पेस स्टेशन ने साल 2016 से ही अपना नियंत्रण खो दिया था और अब यह धरती के बिल्कुल करीब पहुंच चुका है। बताया जा रहा है कि यह स्पेस स्टेशन इसी हफ्ते धरती पर गिरेगा। सबसे परेशान करने वाली बात ये है कि यह कहीं भी गिर सकता है।

धरती पर 8000 किलो का स्पेस स्टेशन गिरने वाला है

कहा जा रहा है कि यह चीन का स्पेस स्टेशन 31 मार्च से 4 अप्रैल के बीच में धरती पर गिर सकता है। हालांकि, कुछ वैज्ञानिकों ने इसके वायुमंडल में ही नष्ट होने की संभावना जताई है। लेकिन, अगर ऐसा नहीं होता तो यह दुनिया के किसी भी हिस्से में तबाही का कारण बन सकता है। चीनी मानवयुक्त अंतरिक्ष इंजीनियरिंग कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि तियांगोंग-1 ने इसी साल 16 मार्च को आधिकारिक रूप से डेटा भेजना बंद कर दिया है और वह कभी भी धरती पर गिर सकता है। यानि धरती पर 8000 किलो का स्पेस स्टेशन गिरने वाला है और किसी को यह नहीं मालूम की यह दुनिया के किस हिस्से में गिरेगा।

कितनी तबाही मचा सकता है ये चीनी स्पेस स्टेशन?

वैज्ञानिक इस बात का दावा कर रहे हैं कि इस चीनी स्पेस स्टेशन का पूरा भाग धरती पर नहीं गिरेगा। लेकिन, साथ ही उनका ये भी मानना है कि अगर इसका आधा भाग भी धरती पर गिरा तो यह भारी जान-माल का नुकसान करेगा। कहा जा रहा है कि धरती की सतह पर पहुंचते-पहुंचते इस स्पेस स्टेशन का 40-50 फीसदी से अधिक हिस्सा जलकर खाक हो जाएगा। लेकिन, करीब 3000 से 3500 किलो मलबा धरती की सतह पर गिरेगा जिससे भारी तबाही मच सकती है। वैज्ञानिकों का कहना है कि अगर यह किसी घनी आबादी वाली जगह पर गिरा तो हज़ारों लोगों की जान भी ले सकता है। ऐसे में हर वह देश और शहर के लोग ड़रे हुए हैं जहां इसके गिरने की संभावना जताई जा रही है।

कहां गिरेगी यह चीनी आफत?

इस स्पेस स्टेशन के गिरने धरती पर गिरने में सबसे खतरनाक बात ये है कि इसमें खतरनाक कैमिकल डाला गया है। इस खतरनाक केमिकल का नाम hydrazine है। अगर यह इतनी अधिक मात्रा में धरती पर गिरता है तो भारी तबाही मचा सकता है। कहा जा रहा है कि यह चीनी स्पेस 43 डिग्री उत्तर और 43 डिग्री दक्षिण के लैटिट्यूड में गिरेगा। यानि इसके निशाने पर उत्तरी चीन, मिडिल ईस्ट देश, न्यूजीलैंड, तस्मानिया, स्पेन और अमेरिका के उत्तरी राज्य आ रहे हैं। आपको बता दें कि इसी तरह का एक अमेरिकी स्पेस स्टेशन साल 1979 में धरती पर गिरा था। एक स्पेस स्टेशन का नाम skylab था। 11 जुलाई 1979 को skylab का अधिक हिस्सा हिंद महासागर में गिरा। इसके कुछ हिस्से ऑस्ट्रेलिया के पर्थ में भी गिरे लेकिन कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ था, क्योंकि यहां आबादी कम थी।

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