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कभी करता था वेश्यालय में सिक्यूरिटी गार्ड की नौकरी बाद में बन गया पूरी दुनिया का सबसे खूंखार डॉन

दुनिया में कई तरह के लोग हैं। इस दुनिया में आपको हर तरह के लोग देखने को मिल जायेंगे। इनमें से कुछ बहुत ज्यादा शरीफ हैं तो कुछ बहुत ही खूंखार भी हैं। कई लोग बहुत ज्यादा ज्ञानी हैं तो कुछ इतने मंदबुद्धि हैं कि उन्हें किसी भी चीज के बारे में जानकारी ही नहीं है। कई लोग अपने काम की वजह से जानें जाते हैं। आज हम आपको एक ऐसे ही व्यक्ति के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसे उसके काम की वजह से आज भी लोग याद करते हैं।

इटली से शुरुआत हुई माफिया की:

हालाँकि हम जिसके बारे में बताने जा रहे हैं, लोग उसे उसके अच्छे कामों की वजह से नहीं बल्कि बुरे कामों की वजह से याद करते हैं। जी हाँ हम बात कर रहे हैं कभी अमेरिका के सबसे खूंखार डॉन रह चुके अलफान्से ग्रैबियल कपोन की। आपकी जानकारी के लिए बता दें एक समय था जब इटली को अंडरवर्ल्ड का जनक कहा जाता था।

अंडरवर्ल्ड और माफिया की शुरुआत यहीं से हुई थी। कपोन का परिवार भी इटली से 1890 में अमेरिका गया था। कपोन की कहानी एक आम इंसान के फर्श से अर्श तक पहुँचने की है।

दे दिया वेश्यालय में सिक्यूरिटी गार्ड की नौकरी:

जानकारी के अनुसार कपोन कभी एक छोटे से वेश्यालय में सिक्यूरिटी गार्ड हुआ करता था। लेकिन केवल 27 साल की उम्र में ही वह शिकागों का मशहूर गैंगस्टर बन गया। कपोन के ऊपर 200 से ज्यादा खून के आरोप थे। उसके पास उस समय हर साल 714 करोड़ रूपये आते थे। शिकागो में अमेरिकन-इटैलियन क्राइम बॉस कोलोसिमो की मौत के बाद उसका साथी जनि टोरियो खुद को शिकागो का बॉस मानने लगा था। उस वक़्त वह न्यूयॉर्क में अपनी फैमिली के साथ रहा करता था। 1921 में कपोन काम की तलाश में टोरिस के पास पहुंचा। टोरिस ने कपोन और उसके भाई फ्रैंक को एक छोटे से वेश्यालय में सिक्यूरिटी गार्ड का काम दे दिया।

काम की वजह से बहुत जल्दी मिलने लगा प्रमोशन:

कपोन काम करने में बहुत तेज था इसी वजह से उसे प्रमोशन मिलने लगा। देखते ही देखते कपोन और उसका भाई फ्रैंक टोरिस के क्राइम वर्क में उसके पार्टनर बन गए। 1922 में शिकागो पेपर्स में कपोन का नाम उस समय पहली बार आया था जब वह कार चलाते हुए अपनी गन और पुलिस का नकली बैज दिखा रहा था। देखते ही देखते कपोन का शिकागो पर राज शुरू हो गया। कपोन और उसका भाई धीरे-धीरे आस-पास के इलाकों में काम करने लगे। इन्ही में से एक सिसेरो टाउन भी था। कपोन को उस समय लगा कि सिसेरो उन्हें काम के नए मौके देगा।

पुलिस ने बीच शहर में मार दी कपोन के भाई फ्रैंक को गोली:

उन्हें ऐसा लगा कि इस नए टाउन में वो शराबखाने और गैम्बलिंग हाउस खोल सकेंगे। हालाँकि यह करना इतना आसान नहीं था। इसके लिए उन्हें पुलिस से लेकर अधिकारीयों सभी के मदद की जरुरत थी। इसी वजह से कपोन ने अपने भाई फ्रैंक को पॉलिटिक्स में प्रोजेक्ट करने की कोशिश की। लेकिन कुछ लोग इनके खिलाफ हो गए। जो वोटर्स इनके खिलाफ थे उन्हे मारने-पिटने और किडनैप करने का सिलसिला शुरू हुआ। इसके बाद सिसेरो के हालात बहुत ज्यादा ख़राब हो गए। इसके बाद शिकागो पुलिस को हालात पर काबू पाने के लिए समन भेजा गया। इसके बाद पुलिस ने फ्रैंक को बीच शहर में गोली मार दी। भाई की मौत के बाद कपोन सिसेरो का डॉन बन गया था।

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