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आख़िरकार हो ही गया प्रद्युम्न हत्याकांड का खुलासा, इस तरह से हुई थी मासूम की हत्या

प्रद्युम्न हत्याकांड का खुलासा:  हर समाज में अपराध होते हैं। इंसानी सभ्यता की शुरुआत से ही अपराध हो रहे हैं। पहले अपराधों का स्वरुप कुछ और हुआ करता था। समय के साथ धीरे-धीरे अपराधों का स्वरुप भी बदल गया है। आज के समय में हमारे समाज में ऐसे-ऐसे अपराधों को अंजाम दिया जा रहा है, जिसके बारे में जानकर काफी हैरानी होती है। केवल यही नहीं इनमें से कुछ अपराधों को अंजाम देने वाले के बारे में तो किसी ने सपने में भी नहीं सोचा होता है, कि वो ऐसा कुछ कर सकता है।

हत्या के शक में पुलिस ने गिरफ्तार किया था बस ड्राईवर को:

जी हाँ एक ऐसा ही अपराध आज से लगभग 2 महीने पहले हरियाणा के गुरुग्राम में हुआ था। आपकी जानकारी के लिए हम आपको बता दें हम बात कर रहे हैं मासूम प्रद्युम्न हत्याकांड की। गुरुग्राम के रेयान इंटरनेशनल स्कूल में आठ साल के मासूम प्रद्युम्न की हत्या बड़ी बेरहमी के साथ गला काटकर की गयी थी। पुलिस ने मासूम की हत्या के शक में उस समय स्कूल के बस ड्राईवर को गिरफ्तार किया था। जब इस मामले को पुलिस हल करने में असफल रही तो इसका जिम्मा सीबीआई को दे दिया गया।

अचानक से छात्र ने बोल दिया मासूम प्रद्युम्न पर हमला:

जानकारी के अनुसार इस घटना के दो महीने बाद सीबीआई ने इस हत्या की गुत्थी को सुलझा दिया है। इस हत्याकांड के मुख्या आरोपी 11वीं कक्षा के छात्र ने जुवेनाइल जस्टिस के सामने यह स्वीकार कर लिया है कि इस निर्मम हत्या के पीछे वही है। इस दौरान यह भी खुलासा हुआ है कि छात्र ने हत्या करने से पहले लगभग 2-3 मिनट तक यह सोचा कि अभी तो यह बहुत मासूम बच्चा है। लेकिन सोचते-सोचते ही अचानक उसने प्रद्युम्न पर हमला कर दिया। आपको बता दें जांच के दौरान उसने खुद स्वीकार किया था कि स्कूल की परीक्षा को टलवाने के लिए उसने यह सब किया था।

शक के आधार पर गिरफ्तार किया गया 11वीं के छात्र को:

दरअसल उसकी तैयारी नहीं हो पायी थी, इस वजह से वह परीक्षा के लिए तैयार नहीं था। इस हत्याकांड में सीबीआई ने 11वीं के छात्र को मुख्य आरोपी बनाया। कई बार पूछताछ की गयी, जब उसके ऊपर शक हुआ तो उसे गिरफ्तार किया गया। आरोपी छात्र के रिमांड का समय जब पूरा हो गया तो उसे जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के सामने पेश किया गया। उस समय जिवेनाइल जस्टिस के प्रिंसिपल मजिस्ट्रेट के साथ दोनों सदस्यों ने सीबीआई की टीम को बाहर कर दिया। उसके बाद पूछताछ शुरू की। आरोपी छात्र ने बोर्ड के सामने यह स्वीकार किया कि उसने ही हत्या की है।

बाथरूम में पहुँचते ही बोल दिया चाकू से हमला:

वह परीक्षा को टालना चाहता था। यही सोचते हुए वह बाथरूम में गया। वह कुछ सोच ही रहा था, तभी अचानक से बाथरूम में मासूम प्रद्युम्न पहुँच गया। उसने प्रद्युम्न को देखते ही कहा, भाई मदद करोगे। जब प्रद्युम्न ने कहा हाँ भईया तो आरोपी तुरंत अपनी कक्षा में गया और वहां से भागकर वापस आ गया। बाथरूम में प्रद्युम्न उसका इंतज़ार ही कर रहा था। आते ही उसने प्रद्युम्न के ऊपर हमला बोल दिया। उसने स्वीकार किया किया कि हत्या के बाद खून के दाग ना ही उसके कपडे पर थे और ना ही हाथों में थे, इस वजह से उसे कोई पकड़ नहीं पाया। उसने इसके बाद सबको इस घटना के बारे में सूचना दे दी।

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